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सभी बेडों तक नहीं पहुंची ऑक्सीजन पाइप लाइन
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बहराइच। महिला अस्पताल में एसएनसीयू वार्ड के सभी बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी है। जबकि मेडिकल कॉलेज में प्रति मिनट 2005 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर पड़ेगी, इसको लेकर जिला प्रशासन की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। फिर भी तैयारी कच्छप गति से चल रही है। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में मंडल के चार जिलों के गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। गंभीर रोगों से ग्रसित नवजात बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां काफी धीमे चल रही है। महिला अस्पताल में अभी तक मात्र 13 बेड तक ही ऑक्सीजन पाइप लाइन पहुंच सकी है, जबकि 50 बेड तक पाइप लाइन पहुंचाना है।
सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड में शुक्रवार को 30 बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछ गई है। ऐसे में इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। सीएमएस ने बताया कि महिला अस्पताल के शेष अन्य वार्ड में दो दिन में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछा दी जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सीएमएस ने तैयारियों का दावा किया। सीएमएस ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में छह ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट 2005 लीटर ऑक्सीजन बन रही है। ऑक्सीजन की कोई दिक्कत नहीं होगी।
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दूसरी लहर में ऑक्सीजन का हुआ था अभाव
कोरोना की दूसरी लहर जिले में अप्रैल माह से शुरू हुई थी। कोरोना संक्रमित लोगों की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हुई थी। इसको लेकर जिले के साथ प्रदेश में सवाल उठे थे, जिस पर सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई थी।
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कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर पड़ेगी, इसको लेकर जिला प्रशासन की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। फिर भी तैयारी कच्छप गति से चल रही है। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में मंडल के चार जिलों के गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। गंभीर रोगों से ग्रसित नवजात बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां काफी धीमे चल रही है। महिला अस्पताल में अभी तक मात्र 13 बेड तक ही ऑक्सीजन पाइप लाइन पहुंच सकी है, जबकि 50 बेड तक पाइप लाइन पहुंचाना है।
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सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड में शुक्रवार को 30 बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछ गई है। ऐसे में इस वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। सीएमएस ने बताया कि महिला अस्पताल के शेष अन्य वार्ड में दो दिन में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछा दी जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सीएमएस ने तैयारियों का दावा किया। सीएमएस ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में छह ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट 2005 लीटर ऑक्सीजन बन रही है। ऑक्सीजन की कोई दिक्कत नहीं होगी।
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दूसरी लहर में ऑक्सीजन का हुआ था अभाव
कोरोना की दूसरी लहर जिले में अप्रैल माह से शुरू हुई थी। कोरोना संक्रमित लोगों की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हुई थी। इसको लेकर जिले के साथ प्रदेश में सवाल उठे थे, जिस पर सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई थी।