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Bahraich News: 60 करोड़ से बना ओवरब्रिज आठ साल में तीन बार बंद
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जरवलरोड में रेलवे के ओवरब्रिज में आयी दरार का चल रहा मरम्मत कार्य।
जरवलरोड। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बना जरवलरोड रेलवे ओवरब्रिज एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। बरसात के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से पानी का लगातार रिसाव हुआ और रेलवे लाइन के पास पुल का सीमेंटेड पैनल खिसक गया। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ओवरब्रिज पर छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन बंद है। वर्ष 2018 में शुरू होने वाले इस पुल पर तीसरी बार है, जब तकनीकी खराबी के कारण आवागमन बंद करना पड़ा है।
लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-927सी) पर पीएनसी कंपनी द्वारा निर्मित इस ओवरब्रिज पर 28 अगस्त 2018 से यातायात शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण के महज चार महीने बाद 30 दिसंबर 2018 को सीमेंट का पैनल टूटने से पुल करीब दो माह तक बंद रहा। इसके बाद सात जुलाई 2020 को दूसरी बार पैनल खिसकने पर यातायात रोकना पड़ा। अब 13 जुलाई 2026 को तीसरी बार रेलवे लाइन के समीप पैनल धंसने और दरार आने के कारण पुल को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के दौरान पुल पर पानी जमा हो गया। निकासी न होने से पानी रिसता रहा और उसके साथ पुल के नीचे की मिट्टी भी बह निकली। इससे पैनल के नीचे खाली स्थान बन गया और सीमेंटेड पैनल अंदर की ओर धंस गया। इसके प्रभाव से आसपास के अन्य पैनल भी अपनी जगह से खिसक गए।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने ओवरब्रिज के दोनों सिरों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात कर दिया है। लखनऊ और बहराइच की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जरवलरोड तिराहे से वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि पुल का प्रारंभिक निरीक्षण कर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ओवरब्रिज पर कब-कब बंद हुआ आवागमन
28 अगस्त 2018 : ओवरब्रिज पर यातायात शुरू।
30 दिसंबर 2018 : सीमेंट पैनल टूटने से पहली बार बंद।
7 जुलाई 2020 : पैनल खिसकने पर दूसरी बार आवागमन रोका गया।
13 जुलाई 2026 : पैनल धंसने और दरार आने पर तीसरी बार पुल बंद।
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लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-927सी) पर पीएनसी कंपनी द्वारा निर्मित इस ओवरब्रिज पर 28 अगस्त 2018 से यातायात शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण के महज चार महीने बाद 30 दिसंबर 2018 को सीमेंट का पैनल टूटने से पुल करीब दो माह तक बंद रहा। इसके बाद सात जुलाई 2020 को दूसरी बार पैनल खिसकने पर यातायात रोकना पड़ा। अब 13 जुलाई 2026 को तीसरी बार रेलवे लाइन के समीप पैनल धंसने और दरार आने के कारण पुल को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के दौरान पुल पर पानी जमा हो गया। निकासी न होने से पानी रिसता रहा और उसके साथ पुल के नीचे की मिट्टी भी बह निकली। इससे पैनल के नीचे खाली स्थान बन गया और सीमेंटेड पैनल अंदर की ओर धंस गया। इसके प्रभाव से आसपास के अन्य पैनल भी अपनी जगह से खिसक गए।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने ओवरब्रिज के दोनों सिरों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात कर दिया है। लखनऊ और बहराइच की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जरवलरोड तिराहे से वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया जा रहा है। एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि पुल का प्रारंभिक निरीक्षण कर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ओवरब्रिज पर कब-कब बंद हुआ आवागमन
28 अगस्त 2018 : ओवरब्रिज पर यातायात शुरू।
30 दिसंबर 2018 : सीमेंट पैनल टूटने से पहली बार बंद।
7 जुलाई 2020 : पैनल खिसकने पर दूसरी बार आवागमन रोका गया।
13 जुलाई 2026 : पैनल धंसने और दरार आने पर तीसरी बार पुल बंद।