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एक लाख किसानों को कर्ज हो सकता माफ
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:11 PM IST
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योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक पर किसानों की नजरें टिकी हुई हैं। जिले के 1.05 लाख काश्तकारों ने बैंकों से खेती-किसानी के लिए 670 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया था। लेकिन फसल की बर्बादी के कारण किसान कर्ज अदा नहीं कर पा रहे थे। नई सरकार बनने के बाद किसानों को कर्जमाफी की उम्मीद जगी है।
बहराइच जिले की इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक, एसबीआई, यूनियन, इंडियन, पीएनबी, एचडीएफसी, आईडीबीआई, सहकारी बैंक समेत अन्य बैंक शाखाओं से किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कर्ज ले रखा है। जिला अग्रणी लीड बैंक प्रबंधक एसके झा का कहना है कि बहराइच के 14 विकास खंडों की 1054 ग्राम पंचायतों में कुल तीन लाख के करीब किसान हैं।
इन किसानों ने केसीसी बनवा रखा है। जबकि 1.05 लाख किसानों ने कर्ज ले रखा है। बीते दिनों सभी बैंकों से सूचनाएं मांगी गई थीं। जिसके तहत अभी तक लगभग 670 करोड़ रुपये केसीसी के कर्ज का विवरण आ गया है। यूपी सरकार ने किसानों के कर्जमाफी की घोषणा की थी, लेकिन किसानों को कितना कर्ज माफ किया जाएगा। इसकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि बैंकों से कर्ज लेकर किसान अदा नहीं करते हैं, जिससे समस्याएं पैदा होती हैं।
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विकास खंड महसी के एरिया गांव निवासी किसान मूलचंद ने एक लाख और राममिलन ने 1.44 लाख रुपये कर्ज बैंक से लिया था, जिसे वे वापस नहीं कर सके। उनका कहना है कि सरकार को सभी बैंकों और हर श्रेणी के किसानों का कर्ज माफ करने की कवायद करनी चाहिए।
विकास खंड मिहींपुरवा के कठौतिया गांव निवासी राजेंद्र ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ करने का सरकार का कदम सराहनीय है। वहीं, महसी के गौरिया गांव निवासी हाकिम सिंह ने बताया कि उन्होंने बैंक से 1.64 लाख रुपये कर्ज लिया था। फसल बर्बाद होने से कर्ज नहीं अदा कर सके। जिससे बैंक से रोजाना नोटिस आ रहा था। अब सरकार के फैसले से संकट खत्म होने की संभावना है।
शासनादेश मिलने पर खत्म होंगी आशंकाएं
यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को होनी है। बैठक के बाद शासनादेश जारी किया जाएगा। जिसमें किसानों के कर्ज लेने की समय सीमा और कर्जमाफी का अंतिम निर्धारण होगा। हालांकि बैंकों से पहले ही सूचनाएं मांग ली गई हैं। लघु, सीमांत और बड़े किसानों की अलग-अलग सूचनाएं मांगी गई हैं।
एसके झा, एलडीएम, बहराइच
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बहराइच जिले की इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक, एसबीआई, यूनियन, इंडियन, पीएनबी, एचडीएफसी, आईडीबीआई, सहकारी बैंक समेत अन्य बैंक शाखाओं से किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कर्ज ले रखा है। जिला अग्रणी लीड बैंक प्रबंधक एसके झा का कहना है कि बहराइच के 14 विकास खंडों की 1054 ग्राम पंचायतों में कुल तीन लाख के करीब किसान हैं।
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इन किसानों ने केसीसी बनवा रखा है। जबकि 1.05 लाख किसानों ने कर्ज ले रखा है। बीते दिनों सभी बैंकों से सूचनाएं मांगी गई थीं। जिसके तहत अभी तक लगभग 670 करोड़ रुपये केसीसी के कर्ज का विवरण आ गया है। यूपी सरकार ने किसानों के कर्जमाफी की घोषणा की थी, लेकिन किसानों को कितना कर्ज माफ किया जाएगा। इसकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि बैंकों से कर्ज लेकर किसान अदा नहीं करते हैं, जिससे समस्याएं पैदा होती हैं।
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विकास खंड महसी के एरिया गांव निवासी किसान मूलचंद ने एक लाख और राममिलन ने 1.44 लाख रुपये कर्ज बैंक से लिया था, जिसे वे वापस नहीं कर सके। उनका कहना है कि सरकार को सभी बैंकों और हर श्रेणी के किसानों का कर्ज माफ करने की कवायद करनी चाहिए।
विकास खंड मिहींपुरवा के कठौतिया गांव निवासी राजेंद्र ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ करने का सरकार का कदम सराहनीय है। वहीं, महसी के गौरिया गांव निवासी हाकिम सिंह ने बताया कि उन्होंने बैंक से 1.64 लाख रुपये कर्ज लिया था। फसल बर्बाद होने से कर्ज नहीं अदा कर सके। जिससे बैंक से रोजाना नोटिस आ रहा था। अब सरकार के फैसले से संकट खत्म होने की संभावना है।
शासनादेश मिलने पर खत्म होंगी आशंकाएं
यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को होनी है। बैठक के बाद शासनादेश जारी किया जाएगा। जिसमें किसानों के कर्ज लेने की समय सीमा और कर्जमाफी का अंतिम निर्धारण होगा। हालांकि बैंकों से पहले ही सूचनाएं मांग ली गई हैं। लघु, सीमांत और बड़े किसानों की अलग-अलग सूचनाएं मांगी गई हैं।
एसके झा, एलडीएम, बहराइच