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नेपाल के गैंडों को रास अा रहा कतर्नियाघाट

Mon, 15 Apr 2019 11:14 PM IST
Praveen Singh न्यूज डेस्क, बहराइच
न्यूज डेस्क, बहराइच Published by: Praveen Singh Updated Mon, 15 Apr 2019 11:14 PM IST
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नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क के गैंडों को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी का जंगल रास आ रहा है। बीते तीन दिनों से चार गैंडों का मूवमेंट गेरुआ पार के जंगल में मिल रहा है। कई बार पर्यटक गैंडों को देखकर रोमांचित भी हुए। वन विभाग इसे सुखद बता रहा है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जंगल खाता कारीडोर के माध्यम से नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से जुड़ा हुआ है। अक्सर नेपाल के जंगलों से हाथी, बाघ, तेंदुए व गैंडे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में पहुंच जाते हैं।
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बीते तीन दिनों से ट्रांस गेरुआ परिक्षेत्र में चार गैंडों का मूवमेंट दिख रहा है। कतर्नियाघाट पहुंचने वालेे पर्यटक गैंडों को देखकर रोमांचित हो रहे हैं। गौरतलब हो कि कतर्नियाघाट में दो वर्ष पूर्व पांच गैंडों का मूवमेंट मिला था।
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प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह का कहना है कि गैंडों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है। ट्रांस गेरुआ का परिक्षेत्र गैंडों की आबोहवा के अनुकूल है। इस कारण अक्सर नेपाल से गैंडे कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में दाखिल हो जाते हैं।


रेडियो टैग से होती निगरानी
नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क के अधिकारियों ने एक गैंडे पर रेडियो टैग लगा रखा है। जिसके कारण जीपीएस सिस्टम के माध्यम से उसकी सूचना रखी जाती है। कतर्नियाघाट के वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर रेडियो टैग लगे गैंडे की उपस्थिति कतर्निया परिक्षेत्र में होती है।
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