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मिसाल... सास ने किडनी देकर बचाई बहू की जिंदगी

Thu, 29 Sep 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Thu, 29 Sep 2016 12:35 AM IST
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Mother-in-law's life was saved by a kidney
दिल्ली के अस्पताल में भर्ती सास आशा। - फोटो : अमर उजाला
सास-बहू में तकरार तो आम है, मगर बहराइच के नानपारा की आशा पोद्दार ने बहू को किडनी दानकर नई मिसाल पेश की है। आशा की बहू पूनम पोद्दार (40) की एक किडनी खराब हो गई थी। दो दिन पहले दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट का सफल ऑपरेशन हुआ। 
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नानपारा के व्यवसायी प्रमोद पोद्दार की पत्नी पूनम को साल भर पहले पेट में दर्द उठा। बहराइच से लखनऊ तक इलाज हुआ, पर फायदा नहीं हुआ। तब परिवार वाले पूनम को लेकर दिल्ली के मैक्स अस्पताल पहुंचे। पता चला कि पूनम की एक किडनी खराब हो चुकी है। दूसरी कमजोर है।
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डॉक्टरों ने जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। परिवारवाले घबरा गए। इसी बीच, 60 वर्षीय आशा ने कहा कि बहू को किडनी वह देंगी। पहले तो परिवार और खुद पूनम ने मना कर दिया, मगर आशा का जिद की आगे सभी को झुकना पड़ा।
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बहू पूनम को किडनी देने वाली 60 वर्षीय आशा पोद्दार का कहना है कि मेरी बहू बेटी से कम नहीं है। उसकी जान पर बन आई थी। उसे किडनी कैसे नहीं देती। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में बहू के साथ भर्ती आशा को डॉक्टरों ने बातचीत करने से मना किया है।

वहां मौजूद आशा के बेटे और पूनम के पति प्रमोद पोद्दार ने फोन पर बताया कि उनकी मां ने कहा था कि अगर जान की जरूरत होगी तो वह भी दे देंगी। नानपारा के स्टेशनरोड जुबलीगंज निवासी व्यवसायी ओमप्रकाश पोद्दार तीन भाई हैं।

प्रमोद की पत्नी पूनम को साल भर पूर्व पेट दर्द व अन्य शिकायतें हुई। बहराइच में डॉंक्टरों से इलाज कराया, लेकिन लाभ नहीं हुआ। इस पर प्रमोद ने पत्नी पूनम को लखनऊ में निजी चिकित्सकों को दिखाया। वहां पर परीक्षण के दौरान दोनों किडनी में इंफेक्शन का पता चला।  

इस पर 9 जनवरी 2015 को प्रमोद ने पत्नी को दिल्ली के मैक्स हास्पिटल में डॉक्टरों को दिखाया। वहां परीक्षण के दौरान एक किडनी फेल होने व दूसरे में गंभीर इंफेक्शन की बात सामने आई।   डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही।  इस चिंता के बीच सास आशा देवी पोद्दार ने बहू को किडनी देने का फैसला लिया।

पहले तो परिवारीजनों ने इंकार किया, बहू पूनम ने भी सास से किडनी न देने की बात कही। लेकिन सास आशा देवी जिद पर अड़ी रहीं। इस पर प्रमोद अपनी मां को लेकर दिल्ली गए। वहां पर परीक्षण करवाया। डॉक्टरों ने बयान दर्ज किया। मैक्स हास्पिटल से आशा देवी द्वारा किडनी देने की सूचना नानपारा एसडीएम को भेजी गई।

तत्कालीन एसडीएम अमिताभ यादव ने परिवार के लोगों का बयान दर्ज कर मैक्स हास्पिटल भेजा। यह भी कहा कि आशा देवी स्वेच्छा से किडनी दान कर रही हैं। उसी के तहत दो दिन पूर्व सास आशा की किडनी निकालकर बहू पूनम के शरीर में ट्रांसप्लांट की गई। आशादेवी वार्ड में हैं और पूनम काे अभी आईसीयू में रखा गया है।

आशा देवी की दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी निधि का विवाह दिल्ली मेंं  हुआ है।  वहीं छोटी बेटी रूपानी पोद्दार पति के साथ अमेरिका में रहती है। प्रमोद ने बताया  कि बहन रूपानी भी मां द्वारा किडनी दान करने की बात सुनकर अमेरिका से भारत आ रही है।


घर में पूनम पोद्दार के अलावा मंझले पुत्र मनीष और छोटे पुत्र आनंद की पत्नियां भी हैं। छोटी बहू आशा का कहना है कि सास ने कभी भी बहू होने का अहसास नहीं होने दिया। दोनों बहुओं ने कहा कि लौटने पर सास का भव्य स्वागत करेंगे।
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