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Bahraich News: अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Thu, 31 Jul 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 31 Jul 2025 01:13 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में प्रसूता की मौत के बाद मौजूद परिजन व जमा भीड़। -संवाद
बहराइच। एक महिला मां बनने की आस लिए अस्पताल पहुंची थी, लेकिन लौटकर सिर्फ उसका शव घर आया। न सिर्फ महिला की मौत हो गई बल्कि प्रसव के दौरान शिशु ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दो मौत से परिवार के लोग भड़क उठे अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप मढ़ा। जच्चा-बच्चा की मौत से परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
पयागपुर क्षेत्र के तुलसीराम पुरवा सोहरियावा गांव निवासी 26 वर्षीय ममता देवी को रविवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार वाले तुरंत उसे लेकर पयागपुर कोट बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया।
रात में ही परिजन वाहन की व्यवस्था कर किसी तरह महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज के महिला विंग पहुंचे। डॉक्टरों ने ममता को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। सोमवार भोर में ममता ने एक मृत शिशु को जन्म दिया। इससे पहले कि परिवार इस सदमे से उबर पाता, शाम पांच बजे महिला की हालत और बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने एक इंजेक्शन लगाया और मात्र एक घंटे के भीतर ममता की सांसें थम गईं।
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इसके बाद परिवार के लोग भड़क उठे। हंगामा की सूचना पाकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मदन मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे उन्होंने किसी तरह परिजनों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। सीएमएस ने देर रात शव वाहन से ममता का शव गांव भेजवाया।
सवालों में घिरा अस्पताल प्रशासन
ममता के ससुर कंचन गोस्वामी का कहना है कि बहू ने मृत बच्चे को जन्म दिया, उस सदमे को परिवार यह सोचकर सह गया कि बहू तो सुरक्षित है, लेकिन शाम को बहू की तबीयत भी अस्पताल में ही बिगड़ गई, काफी देर तक डॉक्टर को बुलाने के लिए इधर-उधर दौड़ता रहा, कुछ देर बाद एक नर्स आई उसने इंजेक्शन लगाया, लेकिन इंजेक्शन लगने के एक घंटे बाद ही बहू ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि समय पर उचित इलाज न मिल पाने और लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि बहू की तबीयत बिगड़ने के बावजूद स्टाफ ने देर से रिएक्ट किया और अंतिम समय में दिया गया इंजेक्शन उसकी मौत का कारण बना।
न्याय की मांग, जांच की गुहार
परिजनों ने मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। ससुर कंचन गोस्वामी ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हो, उसे सज़ा दी जाए। उनका कहना है, कि गरीब की बहू थी, इसलिए किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर वक्त रहते इलाज मिलता, तो आज वो ज़िंदा होती।
गंभीर हालत में आई थी महिला, हार्ट अटैक से हुई मौत
महिला को काफी गंभीर हालत में परिजन लेकर आए थे। प्रसव के दौरान महिला को बचा लिया, बेहतर इलाज किया जा रहा था लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीएमएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में महिला की मौत हार्ट अटैक से होने का पता चल रहा है परिजनों से महिला का पोस्टमार्टम कराने को कहा गया था लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया इसके चलते शव को घर भिजवा दिया गया।
-मदन मोहन त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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पयागपुर क्षेत्र के तुलसीराम पुरवा सोहरियावा गांव निवासी 26 वर्षीय ममता देवी को रविवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार वाले तुरंत उसे लेकर पयागपुर कोट बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया।
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रात में ही परिजन वाहन की व्यवस्था कर किसी तरह महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज के महिला विंग पहुंचे। डॉक्टरों ने ममता को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। सोमवार भोर में ममता ने एक मृत शिशु को जन्म दिया। इससे पहले कि परिवार इस सदमे से उबर पाता, शाम पांच बजे महिला की हालत और बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने एक इंजेक्शन लगाया और मात्र एक घंटे के भीतर ममता की सांसें थम गईं।
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इसके बाद परिवार के लोग भड़क उठे। हंगामा की सूचना पाकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मदन मोहन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे उन्होंने किसी तरह परिजनों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। सीएमएस ने देर रात शव वाहन से ममता का शव गांव भेजवाया।
सवालों में घिरा अस्पताल प्रशासन
ममता के ससुर कंचन गोस्वामी का कहना है कि बहू ने मृत बच्चे को जन्म दिया, उस सदमे को परिवार यह सोचकर सह गया कि बहू तो सुरक्षित है, लेकिन शाम को बहू की तबीयत भी अस्पताल में ही बिगड़ गई, काफी देर तक डॉक्टर को बुलाने के लिए इधर-उधर दौड़ता रहा, कुछ देर बाद एक नर्स आई उसने इंजेक्शन लगाया, लेकिन इंजेक्शन लगने के एक घंटे बाद ही बहू ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि समय पर उचित इलाज न मिल पाने और लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि बहू की तबीयत बिगड़ने के बावजूद स्टाफ ने देर से रिएक्ट किया और अंतिम समय में दिया गया इंजेक्शन उसकी मौत का कारण बना।
न्याय की मांग, जांच की गुहार
परिजनों ने मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। ससुर कंचन गोस्वामी ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हो, उसे सज़ा दी जाए। उनका कहना है, कि गरीब की बहू थी, इसलिए किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर वक्त रहते इलाज मिलता, तो आज वो ज़िंदा होती।
गंभीर हालत में आई थी महिला, हार्ट अटैक से हुई मौत
महिला को काफी गंभीर हालत में परिजन लेकर आए थे। प्रसव के दौरान महिला को बचा लिया, बेहतर इलाज किया जा रहा था लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीएमएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में महिला की मौत हार्ट अटैक से होने का पता चल रहा है परिजनों से महिला का पोस्टमार्टम कराने को कहा गया था लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया इसके चलते शव को घर भिजवा दिया गया।
-मदन मोहन त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक