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टिकट न मिलने से नाराज समर्थकों ने जलाया सपा का झंडा
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बहराइच/बौंडी। महसी विधानसभा सीट से सपा का टिकट केके ओझा के पक्ष में फाइनल होने के बाद महसी क्षेत्र में बवाल शुरू हो गया है। पहले से टिकट की आस लगाए नेताओं ने टिकट कट जाने के कारण समाजवादी पार्टी के झंडे जलाए और पार्टी नेताओं के विरोध में नारे भी लगाए। प्रकरण का वीडियो वायरल होने के बाद जिले में हड़कंप मचा रहा। समाजवादी पार्टी की ओर से महसी विधानसभा क्षेत्र के लिए कृष्ण कुमार ओझा को प्रत्याशी घोषित किया है। केके ओझा बहुजन समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं।
ओझा को टिकट मिलने से पांच वर्षों से टिकट की आस में मेहनत कर रहे डॉ. राजेश तिवारी के समर्थक नाराज हो गए और सपा का विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार को डॉ. राजेश तिवारी के भतीजे ज्ञानेंद्र तिवारी ने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी का झंडा जलाया और अखिलेश यादव व यासर शाह के विरोध में जमकर नारेबाजी की। डॉ. राजेश तिवारी 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें 37254 वोट मिले थे। इसके बाद 2017 के चुनाव में महसी विधानसभा की सीट सपा व कांग्रेस के गठबंधन के चलते कांग्रेस के खाते में चली गई थी और कांग्रेस उम्मीदवार अली अकबर को भी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से डॉ. राजेश लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और सपा के पक्ष में माहौल तैयार कर रहे थे।
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ओझा को टिकट मिलने से पांच वर्षों से टिकट की आस में मेहनत कर रहे डॉ. राजेश तिवारी के समर्थक नाराज हो गए और सपा का विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार को डॉ. राजेश तिवारी के भतीजे ज्ञानेंद्र तिवारी ने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी का झंडा जलाया और अखिलेश यादव व यासर शाह के विरोध में जमकर नारेबाजी की। डॉ. राजेश तिवारी 2012 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इस चुनाव में उन्हें 37254 वोट मिले थे। इसके बाद 2017 के चुनाव में महसी विधानसभा की सीट सपा व कांग्रेस के गठबंधन के चलते कांग्रेस के खाते में चली गई थी और कांग्रेस उम्मीदवार अली अकबर को भी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से डॉ. राजेश लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और सपा के पक्ष में माहौल तैयार कर रहे थे।
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