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Bahraich News: बहराइच में नेपाल सीमा पर बना मदरसा हुआ सील
Tue, 06 May 2025 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 06 May 2025 12:41 AM IST
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मिहींपुरवा के बलईगांव मदरसे की जांच करते अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
बहराइच। भारत नेपाल सीमा पर सोमवार को फिर एक मदरसे को सील किया गया। यह मदरसा मोतीपुर के बलईगांव में 40 वर्षों से खेल के मैदान की भूमि पर संचालित हो रहा था। अब तक जिले में नेपाल सीमा से सटे इलाके में नौ मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
नो मेंस लैंड के आसपास नानपारा तहसील क्षेत्र में ही 107 अवैध मदरसे हैं। इसमें 98 पर अभी कार्रवाई होना बाकी है। भारत नेपाल सीमा से सटे मदरसों की जांच होने के साथ अवैध रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को बलई गांव के मजरा पौंडा गांव में बने मदरसा जामिया गुलशने रजा हबीबुलु उलुम को सील कर दिया गया। यह मदरसा 40 वर्षों से खेल के मैदान की भूमि पर संचालित था। यह कार्रवाई तहसीलदार व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त टीम ने की। इस मदरसे को लेकर अब तक नौ पर कार्रवाई हो चुकी है। इस संबंध में मदरसा संचालक मेहंदी हसन ने बताया कि जब मदरसा खोला गया था तो भूमि उसकी थी। बीच में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। इस मौके पर संचालक न तो वहां पढ़ने वाले छात्रों व शिक्षकों का कोई विवरण दे पाया और न ही मदरसे के संचालन के लिए फंडिंग की जानकारी ही दे पाया। जबकि मदरसे के भवन की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
दस फीसदी भी अवैध मदरसों पर नहीं हो पाई कार्रवाई
जिले में कुल 792 मदरसे है। इसमें 491 गैर मान्यता प्राप्त हैं। गैर मान्यता प्राप्त में 107 मदरसे नानपारा तहसील क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा से सटे इलाके में हैं, जबकि 106 मदरसे बहराइच शहर, 105 मदरसे कैसरगंज तहसील क्षेत्र व 71 मदरसे पयागपुर क्षेत्र में मिले थे। इन अवैध रूप से संचालित मदरसों में ज्यादातर आवासीय हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, बिहार, नेपाल व असम तक के बच्चे पढ़ते हैं। यहां पढ़ने वालों को किताब, आवास व भोजन सब कुछ मदरसा ही देता है।
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सीमा क्षेत्र के चिह्नित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जो बचे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -
संजय मिश्रा- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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नो मेंस लैंड के आसपास नानपारा तहसील क्षेत्र में ही 107 अवैध मदरसे हैं। इसमें 98 पर अभी कार्रवाई होना बाकी है। भारत नेपाल सीमा से सटे मदरसों की जांच होने के साथ अवैध रूप से संचालित मदरसों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को बलई गांव के मजरा पौंडा गांव में बने मदरसा जामिया गुलशने रजा हबीबुलु उलुम को सील कर दिया गया। यह मदरसा 40 वर्षों से खेल के मैदान की भूमि पर संचालित था। यह कार्रवाई तहसीलदार व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त टीम ने की। इस मदरसे को लेकर अब तक नौ पर कार्रवाई हो चुकी है। इस संबंध में मदरसा संचालक मेहंदी हसन ने बताया कि जब मदरसा खोला गया था तो भूमि उसकी थी। बीच में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। इस मौके पर संचालक न तो वहां पढ़ने वाले छात्रों व शिक्षकों का कोई विवरण दे पाया और न ही मदरसे के संचालन के लिए फंडिंग की जानकारी ही दे पाया। जबकि मदरसे के भवन की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
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दस फीसदी भी अवैध मदरसों पर नहीं हो पाई कार्रवाई
जिले में कुल 792 मदरसे है। इसमें 491 गैर मान्यता प्राप्त हैं। गैर मान्यता प्राप्त में 107 मदरसे नानपारा तहसील क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा से सटे इलाके में हैं, जबकि 106 मदरसे बहराइच शहर, 105 मदरसे कैसरगंज तहसील क्षेत्र व 71 मदरसे पयागपुर क्षेत्र में मिले थे। इन अवैध रूप से संचालित मदरसों में ज्यादातर आवासीय हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, बिहार, नेपाल व असम तक के बच्चे पढ़ते हैं। यहां पढ़ने वालों को किताब, आवास व भोजन सब कुछ मदरसा ही देता है।
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सीमा क्षेत्र के चिह्नित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जो बचे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -
संजय मिश्रा- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी