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मधेस राष्ट्र निर्माण का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय फोरम में लाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 13 Jan 2016 09:51 PM IST
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बहराइच। मधेस आंदोलन को तेज करते हुए स्वतंत्र मधेस गठबंधन अब मधेस राष्ट्र निर्माण का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय फोरम पर उठाने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे गैर आवासीय मधेसी संघ (एनआरएमए) से साझा किया गया है। जो विश्व के 50 देशों को मधेस राष्ट्र निर्माण को लेकर एक मंच पर लाने की तैयारी कर रहा है।
इस कदम से संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक माहौल बनाया जा रहा है। संगठन के केंद्रीय प्रवक्ता अब्दुल खान ने बताया कि नेपाल में करीब 36 प्रतिशत हिस्से में मधेसी रहते हैं। इसमें करीब बीस जिले शामिल हैं।
बड़ी आबादी होने के बाद भी मधेसियों का नेपाल सरकार उत्पीड़न व शोषण कर रही है। इसके खिलाफ अब एक मुहिम चलाई जा रही है।
इसे लेकर स्वतंत्र मधेस गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र संघ के गैर आवासीय मधेसी संघ के साथ साझेदारी की गई है। यह संघ विश्व के 50 बड़े देशों में काम कर रहा है।
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इसके माध्यम से विश्व स्तर पर एक मुहिम चलाते हुए नेपाल सरकार को घेरने का कदम उठाया जा रहा है ताकि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से नेपाल में मधेसियों की मांगें माने जाने के लिए दबाव बनाया जा सके।
नेपाल के अंतरिम चुनाव में लेंगे हिस्सा
स्वतंत्र मधेस गठबंधन के बांके जिला संयोजक इरफान शेख ने बताया कि नेपाल में राजनीतिक दबाव बनाने के लिए अंतरिम चुनाव में गठबंधन हिस्सा लेने का निर्णय ले चुका है। इसके लिए नेपाल के हर मधस बहुलता वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाया जा रहा है। इससे मधेस राष्ट्र निर्माण के मुद्दे पर नेपाल सरकार को संसद में घेरा जा सकेगा।
नेपाल सरकार नहीं देती बजट
गठबंधन के केंद्रीय प्रवक्ता अब्दुल खान का कहना है कि नेपाल में मधेस क्षेत्र व्यापक होने के बाद भी पूरे बजट का दस फीसदी भी इन इलाकों नहीं दिया जाता है। इससे मधेसियों का आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक उत्थान संभव नहीं हो पा रहा है। उनके सामने बेरोजगारी का संकट पैदा होता जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मुहिम छेड़ी गई है।
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इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे गैर आवासीय मधेसी संघ (एनआरएमए) से साझा किया गया है। जो विश्व के 50 देशों को मधेस राष्ट्र निर्माण को लेकर एक मंच पर लाने की तैयारी कर रहा है।
इस कदम से संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक माहौल बनाया जा रहा है। संगठन के केंद्रीय प्रवक्ता अब्दुल खान ने बताया कि नेपाल में करीब 36 प्रतिशत हिस्से में मधेसी रहते हैं। इसमें करीब बीस जिले शामिल हैं।
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बड़ी आबादी होने के बाद भी मधेसियों का नेपाल सरकार उत्पीड़न व शोषण कर रही है। इसके खिलाफ अब एक मुहिम चलाई जा रही है।
इसे लेकर स्वतंत्र मधेस गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र संघ के गैर आवासीय मधेसी संघ के साथ साझेदारी की गई है। यह संघ विश्व के 50 बड़े देशों में काम कर रहा है।
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इसके माध्यम से विश्व स्तर पर एक मुहिम चलाते हुए नेपाल सरकार को घेरने का कदम उठाया जा रहा है ताकि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से नेपाल में मधेसियों की मांगें माने जाने के लिए दबाव बनाया जा सके।
नेपाल के अंतरिम चुनाव में लेंगे हिस्सा
स्वतंत्र मधेस गठबंधन के बांके जिला संयोजक इरफान शेख ने बताया कि नेपाल में राजनीतिक दबाव बनाने के लिए अंतरिम चुनाव में गठबंधन हिस्सा लेने का निर्णय ले चुका है। इसके लिए नेपाल के हर मधस बहुलता वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाया जा रहा है। इससे मधेस राष्ट्र निर्माण के मुद्दे पर नेपाल सरकार को संसद में घेरा जा सकेगा।
नेपाल सरकार नहीं देती बजट
गठबंधन के केंद्रीय प्रवक्ता अब्दुल खान का कहना है कि नेपाल में मधेस क्षेत्र व्यापक होने के बाद भी पूरे बजट का दस फीसदी भी इन इलाकों नहीं दिया जाता है। इससे मधेसियों का आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक उत्थान संभव नहीं हो पा रहा है। उनके सामने बेरोजगारी का संकट पैदा होता जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मुहिम छेड़ी गई है।