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5 घंटे बाद पकड़ में आया तेंदुआ
Mon, 03 Jun 2019 11:19 PM IST
Praveen Singh
Amarujala Bureau/Bahraich
Amarujala Bureau/Bahraich
Published by: Praveen Singh
Updated Mon, 03 Jun 2019 11:19 PM IST
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जंगल से निकलकर गुलरीपुरवा मोरहवा पहुंची मादा तेंदुआ ग्रामीणों को देखकर गांव के मुख्य मार्ग की पुलिया में छिप गई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों की नजर तेंदुआ पर पड़ी तो उन्होेंने पुलिया को दोनों ओर से बंद कर दिया और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया। उसे रेंज कार्यालय ले जाया गया है। गांव में तेंदुए के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बड़खड़िया बीट में गुलरीपुरवा मोरहवा गांव स्थित है। गांव के मुख्य मार्ग पर पुलिया बनी हुई है। सोमवार को सुबह जंगल से निकलकर एक तेंदुआ गांव में पहुंच गया। इस दौरान ग्रामीणों को देखकर तेंदुआ पुलिया में छिप गया। तभी कुछ ग्रामीणों की नजर तेंदुए पर पड़ी तो उन्होंने दोनों तरफ से पुलिया को पटरा व तख्त लगाकर बंद कर दिया।
रेंज कार्यालय व सुजौली थाने को सूचना दी गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, एसडीओ यशवंत सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन, मंसूर अली, वन दरोगा अनिल, अशफाक, कबीरुलहसन, वन रक्षक अवध नरेश शुक्ला, अजय सिंह आदि ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को काबू में करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। कर्मियों ने पुलिया के दोनों ओर जाल लगाकर पिंजड़ा लगाया, लेकिन तेंदुआ शोर के चलते पुलिया में ह्यूम पाइप के अंदर से नहीं निकल रहा था। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया गया।
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इस दौरान पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। दोपहर करीब एक बजे तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाया गया। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि तीन डॉक्टरों का पैनल तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा। चिकित्सकों की रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा। उन्हीं के निर्देशानुसार तेंदुए को जंगल या चिड़ियाघर में छोड़ा जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पिंजड़े में कैद हुआ तेंदुए की उम्र लगभग तीन साल है। साथ ही उसके मादा होने की पुष्टि हुई है।
आंगन से बकरी को उठा ले गया तेंदुआ
कतर्नियाघाट रेंज के अंतर्गत कारीकोट ग्राम पंचायत के मजरा अमीरसिंह पुरवा निवासी मोहम्मद रफीक के घर के आंगन में रविवार की रात बकरी बंधी हुई थी। आंधी-पानी के समय आंगन में सो रहे लोग घर के अंदर चले गए। इसी दौरान दीवार फांदकर आंगन में पहुंचा तेंदुआ बकरी को दबोचकर जंगल की ओर चला गया। टार्च की रोशनी में रफीक व परिवारीजनों ने देखकर शोर मचाया। रात में ही रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई। सुबह वन रक्षक कबीरुल हसन ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। गांव के लोग दहशत में हैं।
तीन दिन से रेंज कार्यालय में दिख रहा तेंदुआ
कतर्नियाघाट रेंज परिसर में तीन दिन से एक तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है। कार्यालय की छत व आसपास तेंदुए की चहलकदमी से रेंज कार्यालय के कर्मचारी दहशत में हैं। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को सजग किया गया है। साथ ही परिसर में स्थित गेस्ट हाउस में रह रहे पर्यटकों को शाम के बाद बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बड़खड़िया बीट में गुलरीपुरवा मोरहवा गांव स्थित है। गांव के मुख्य मार्ग पर पुलिया बनी हुई है। सोमवार को सुबह जंगल से निकलकर एक तेंदुआ गांव में पहुंच गया। इस दौरान ग्रामीणों को देखकर तेंदुआ पुलिया में छिप गया। तभी कुछ ग्रामीणों की नजर तेंदुए पर पड़ी तो उन्होंने दोनों तरफ से पुलिया को पटरा व तख्त लगाकर बंद कर दिया।
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रेंज कार्यालय व सुजौली थाने को सूचना दी गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव, एसडीओ यशवंत सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन, मंसूर अली, वन दरोगा अनिल, अशफाक, कबीरुलहसन, वन रक्षक अवध नरेश शुक्ला, अजय सिंह आदि ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को काबू में करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। कर्मियों ने पुलिया के दोनों ओर जाल लगाकर पिंजड़ा लगाया, लेकिन तेंदुआ शोर के चलते पुलिया में ह्यूम पाइप के अंदर से नहीं निकल रहा था। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजड़े में कैद किया गया।
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इस दौरान पकड़े गए तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। दोपहर करीब एक बजे तेंदुए को रेंज कार्यालय ले जाया गया। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि तीन डॉक्टरों का पैनल तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा। चिकित्सकों की रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा। उन्हीं के निर्देशानुसार तेंदुए को जंगल या चिड़ियाघर में छोड़ा जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पिंजड़े में कैद हुआ तेंदुए की उम्र लगभग तीन साल है। साथ ही उसके मादा होने की पुष्टि हुई है।
आंगन से बकरी को उठा ले गया तेंदुआ
कतर्नियाघाट रेंज के अंतर्गत कारीकोट ग्राम पंचायत के मजरा अमीरसिंह पुरवा निवासी मोहम्मद रफीक के घर के आंगन में रविवार की रात बकरी बंधी हुई थी। आंधी-पानी के समय आंगन में सो रहे लोग घर के अंदर चले गए। इसी दौरान दीवार फांदकर आंगन में पहुंचा तेंदुआ बकरी को दबोचकर जंगल की ओर चला गया। टार्च की रोशनी में रफीक व परिवारीजनों ने देखकर शोर मचाया। रात में ही रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई। सुबह वन रक्षक कबीरुल हसन ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। गांव के लोग दहशत में हैं।
तीन दिन से रेंज कार्यालय में दिख रहा तेंदुआ
कतर्नियाघाट रेंज परिसर में तीन दिन से एक तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है। कार्यालय की छत व आसपास तेंदुए की चहलकदमी से रेंज कार्यालय के कर्मचारी दहशत में हैं। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को सजग किया गया है। साथ ही परिसर में स्थित गेस्ट हाउस में रह रहे पर्यटकों को शाम के बाद बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।