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गाजी की दरगाह पहुंचे लाखों जायरीन
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 14 May 2017 11:17 PM IST
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बहराइच में रविवार को सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले में निशान लेकर आते जायरीन।
- फोटो : अमर उजाला
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सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को मुख्य मेले के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न प्रांतों व जिलों से लाखों जायरीन दरगाह पहुंचे। ईशा की नमाज के बाद मुख्य मजार पर दुआ मांगी गई। इसके बाद बारातों के आने का सिलसिला पूरी रात जारी रहा। 550 से अधिक बारातों ने देर रात तक मजार शरीफ पर हाजिरी लगाई थी।
दरगाह शरीफ स्थित मुख्य मजार पर खुद्दामों ने देर शाम गुलाबजल, चंदन, केवड़े के साथ 101 घड़ों के पानी से मजार को स्नान कराया। मजार शरीफ को फूलों से दूल्हे की तरह सजाया गया। सेहरा भी रखा गया। दरगाह प्रबंध समिति व प्रशासनिक अमले ने मजार शरीफ पर चादर पेश की।
देर रात मजार शरीफ का मुख्य नाल दरवाजा बारातों के आगमन के लिए खोल दिया गया। बारातियों ने जंजीरी गेट चूमते हुए दरगाह शरीफ में प्रवेश किया। मजार पर आस्था का सैलाब चारों ओर दिख रहा था। श्रद्धालु पलंग पीढ़ी, गागर व चादर के साथ भीड़ में गाजी की मजार पर पहुंचने के लिए प्रयास करते दिख रहे थे।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि बारातों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। नेपाल, आंध्र-प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, बंगाल, अहमदाबाद व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 550 से अधिक बारातें आईं हैं। जौनपुर से घोड़े पर बारात लाई गई। मुंबई से किन्नरों की तीन बारातें आईं।
जायरीनों ने अपनी बारात के साथ लाए गए दहेज का सामान, पलंगपीढ़ी, फल-फूल, मेवा, गहने व कपड़े चढ़ाया। बारात की अगुवाई के लिए नाल दरवाजे पर दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारी व नगर के संभ्रांत लोग पूरी रात मौजूद रहे।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि दरगाह पर लगभग 11 से 12 लाख जायरीन पहुंच चुके हैं। देर शाम शुरू हुआ बारातों के आने का सिलसिला सोमवार सुबह 8 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान पूरे समय मजार शरीफ का फाटक बारातियों व श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
दरगाह शरीफ में बारातियों के आने के साथ ही आतिशबाजी का दौर भी चला। देर रात तक बाराबंकी और बनारस के आतिशबाज मुख्य मेले की खुशी में आतिशबाजी करते रहे। इसके चलते मेला परिसर में आसमान पर रंग बिरंगे पटाखे और फुलझड़ियां फूटती रहीं।
वहीं मेले में अाए बस्ती के गोरखपुर रोड निवासी रामचंदर रविवार को दरगाह आया था। वह चित्तौरा झील के तट पर स्नान कर दरगाह जाने की तैयारी कर रहा था तभी दो सिपाही पहुंचे और महिलाओं से छेड़खानी का आरोप लगाते हुए तलाशी ली। रामचंदर का कहना है कि उसके पास मौजूद 33 हजार रुपये सिपाहियों ने छीन लिया।
पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव का कहना है कि युवक महिलाओं के डेरे के पास लघुशंका कर रहा था। लोगों ने पीटा तो सिपाहियों ने बचाया। युवक के आरोप गलत हैं।
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दरगाह शरीफ स्थित मुख्य मजार पर खुद्दामों ने देर शाम गुलाबजल, चंदन, केवड़े के साथ 101 घड़ों के पानी से मजार को स्नान कराया। मजार शरीफ को फूलों से दूल्हे की तरह सजाया गया। सेहरा भी रखा गया। दरगाह प्रबंध समिति व प्रशासनिक अमले ने मजार शरीफ पर चादर पेश की।
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देर रात मजार शरीफ का मुख्य नाल दरवाजा बारातों के आगमन के लिए खोल दिया गया। बारातियों ने जंजीरी गेट चूमते हुए दरगाह शरीफ में प्रवेश किया। मजार पर आस्था का सैलाब चारों ओर दिख रहा था। श्रद्धालु पलंग पीढ़ी, गागर व चादर के साथ भीड़ में गाजी की मजार पर पहुंचने के लिए प्रयास करते दिख रहे थे।
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दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि बारातों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। नेपाल, आंध्र-प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य-प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, बंगाल, अहमदाबाद व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 550 से अधिक बारातें आईं हैं। जौनपुर से घोड़े पर बारात लाई गई। मुंबई से किन्नरों की तीन बारातें आईं।
जायरीनों ने अपनी बारात के साथ लाए गए दहेज का सामान, पलंगपीढ़ी, फल-फूल, मेवा, गहने व कपड़े चढ़ाया। बारात की अगुवाई के लिए नाल दरवाजे पर दरगाह प्रबंध समिति के पदाधिकारी व सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारी व नगर के संभ्रांत लोग पूरी रात मौजूद रहे।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि दरगाह पर लगभग 11 से 12 लाख जायरीन पहुंच चुके हैं। देर शाम शुरू हुआ बारातों के आने का सिलसिला सोमवार सुबह 8 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान पूरे समय मजार शरीफ का फाटक बारातियों व श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
दरगाह शरीफ में बारातियों के आने के साथ ही आतिशबाजी का दौर भी चला। देर रात तक बाराबंकी और बनारस के आतिशबाज मुख्य मेले की खुशी में आतिशबाजी करते रहे। इसके चलते मेला परिसर में आसमान पर रंग बिरंगे पटाखे और फुलझड़ियां फूटती रहीं।
वहीं मेले में अाए बस्ती के गोरखपुर रोड निवासी रामचंदर रविवार को दरगाह आया था। वह चित्तौरा झील के तट पर स्नान कर दरगाह जाने की तैयारी कर रहा था तभी दो सिपाही पहुंचे और महिलाओं से छेड़खानी का आरोप लगाते हुए तलाशी ली। रामचंदर का कहना है कि उसके पास मौजूद 33 हजार रुपये सिपाहियों ने छीन लिया।
पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव का कहना है कि युवक महिलाओं के डेरे के पास लघुशंका कर रहा था। लोगों ने पीटा तो सिपाहियों ने बचाया। युवक के आरोप गलत हैं।