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स्नान-दान कर उठाया मेले का आनंद
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:15 PM IST
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बहराइच/नानपारा। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व जिले में बुधवार को परंपरागत तरीके से धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही लोगों में सरयू नदी में स्नान करने की उत्सुकता रही।
जगह-जगह मेला लगा। कहीं-कहीं सुरक्षा व्यवस्था रही। नानपारा में तीन स्थानों पर मेले का आयोजन हुआ। बच्चों व महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। दानपुण्य करने का सिलसिला भी पूरे दिन चलता रहा।
कार्तिक पूर्णिमा पर शहर के सरयू नदी के तट पर सुबह से ही स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान कर पूजन अर्चन करते हुए परंपरा का निर्वहन कर सरयू मैया से सुख समृद्धि की कामना की।
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सरयू तट पर स्थित मरीमाता मंदिर में हवन पूजन कर लोगों ने शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर में पूजन के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
पूजन अर्चन के बाद गोलवाघाट तट पर परंपरागत तरीके से मेला लगा। इसमें बच्चों ने झूला व मनोरंजन के साधनों का जमकर लुत्फ उठाया। महिलाओं ने भी घरेलू व सौंदर्य प्रसाधन की सामग्रियों की खरीदारी की। गन्ने की बिक्री ज्यादा हुई।
उधर, नानपारा के तकिया घाट, गायघाट और कागभुसुंडी आश्रम में कार्तिक पूर्णिमा पर मेले का आयोजन हुआ। रिसिया में विश्रामघाट पर सरयू तट पर मेले का आयोजन हुआ।
नरसिंहडीहा में पूजित सरोवर तट पर परंपरागत तरीके से मेला लगा। कैसरगंज के कटका, बिरथाना व बरुहाघाट आदि नदी के तटों पर मेले में लोग उमड़े।
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जगह-जगह मेला लगा। कहीं-कहीं सुरक्षा व्यवस्था रही। नानपारा में तीन स्थानों पर मेले का आयोजन हुआ। बच्चों व महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। दानपुण्य करने का सिलसिला भी पूरे दिन चलता रहा।
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कार्तिक पूर्णिमा पर शहर के सरयू नदी के तट पर सुबह से ही स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान कर पूजन अर्चन करते हुए परंपरा का निर्वहन कर सरयू मैया से सुख समृद्धि की कामना की।
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सरयू तट पर स्थित मरीमाता मंदिर में हवन पूजन कर लोगों ने शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर में पूजन के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
पूजन अर्चन के बाद गोलवाघाट तट पर परंपरागत तरीके से मेला लगा। इसमें बच्चों ने झूला व मनोरंजन के साधनों का जमकर लुत्फ उठाया। महिलाओं ने भी घरेलू व सौंदर्य प्रसाधन की सामग्रियों की खरीदारी की। गन्ने की बिक्री ज्यादा हुई।
उधर, नानपारा के तकिया घाट, गायघाट और कागभुसुंडी आश्रम में कार्तिक पूर्णिमा पर मेले का आयोजन हुआ। रिसिया में विश्रामघाट पर सरयू तट पर मेले का आयोजन हुआ।
नरसिंहडीहा में पूजित सरोवर तट पर परंपरागत तरीके से मेला लगा। कैसरगंज के कटका, बिरथाना व बरुहाघाट आदि नदी के तटों पर मेले में लोग उमड़े।