बहराइच। बाईपास रोड स्थित एक होटल में स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें जिले के चिकित्साधीक्षक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्साधिकारी व सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया।
शहर के बाईपास रोड स्थित एक होटल परिसर में बर्नार्ड वैन लीर फाउंडेशन के सहयोग से एक हजार दिन कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि परियोजना निदेशक अनिल कुमार सिंह ने कहा कि शुरुआती एक हजार दिन मां और बच्चे दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन महत्वपूर्ण दिनों में समुचित देखभाल कर मातृ और शिशु मृत्यु दर दोनों को कम किया जा सकता है। आगा खां फाउंडेशन की कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हिना खान ने कहा कि कार्यशाला के द्वारा प्रयास है कि हर बच्चे को जीवन में अच्छी शुरुआत मिले। जिससे कि वह स्वस्थ, रचनात्मक और शांतिप्रिय समुदाय के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सके। एसीएमओ डॉ. अजीत चंद्रा ने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रहीं योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं। इस मौके पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगिता जैन, परियोजना प्रबंधक सुधीर चिल्लरेगा, जिला प्रबंधक राकेश कुमार, जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।