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Bahraich News: साथी संग पकड़ा गया बिहार का शिकारी
Tue, 13 Jan 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:28 AM IST
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कोलियागढ़ी बीट में वन विभाग द्वारा पकड़े गए कछुए के शिकारी। - स्रोत : विभाग
मिहींपुरवा। सुजौली रेंज के कोलियागढ़ी बीट के नालों में रविवार रात कछुओं का शिकार करते हुए दो शातिरों को पकड़ा गया। इनमें से एक बिहार प्रांत का निवासी है। इनके पास से जिंदा संरक्षित प्रजाति के कछुए, नाव और शिकार में प्रयुक्त जाल तथा औजार बरामद हुए हैं।
रविवार रात करीब 12:30 बजे वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार यादव वन दरोगा मनोज कुमार श्रीवास्तव व मनोज कुमार पाठक तथा वनकर्मी हीरालाल और दुर्गविजय के साथ गश्त कर रहे थे। उसी दौरान नाले के पास टीम को हलचल का एहसास हुआ।
घेराबंदी करने पर पता चला कि कुछ लोग कछुओं का शिकार कर रहे हैं। टीम ने दबिश देकर मुर्तिहा के ग्राम सेमियाडोड़ी निवासी कैलाश और बिहार के मुजफ्फरपुर थाना मुशहरी के ग्राम बदरौलिया निवासी इरफान को पकड़ा। तलाशी में दो जीवित संरक्षित कछुए, काठ की नाव, पटरियां, नायलॉन जाल, बोरी, लोहे की सरहद और स्टील की थाली बरामद हुई।
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पूछताछ में पता चला कि आरोपी लंबे समय से संरक्षित प्रजाति के कछुओं का शिकार और तस्करी में संलिप्त थे और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर नदी मार्ग से माल पार करने की फिराक में थे। दोनों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत रेंज केस दर्ज किया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट सूरज कुमार ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कोर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट में अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए शिकारियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है। जंगल के कोर टाइगर हैबिटेट और संरक्षित वन्यजीवों के शिकार पर तस्करों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।
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रविवार रात करीब 12:30 बजे वन क्षेत्राधिकारी रोहित कुमार यादव वन दरोगा मनोज कुमार श्रीवास्तव व मनोज कुमार पाठक तथा वनकर्मी हीरालाल और दुर्गविजय के साथ गश्त कर रहे थे। उसी दौरान नाले के पास टीम को हलचल का एहसास हुआ।
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घेराबंदी करने पर पता चला कि कुछ लोग कछुओं का शिकार कर रहे हैं। टीम ने दबिश देकर मुर्तिहा के ग्राम सेमियाडोड़ी निवासी कैलाश और बिहार के मुजफ्फरपुर थाना मुशहरी के ग्राम बदरौलिया निवासी इरफान को पकड़ा। तलाशी में दो जीवित संरक्षित कछुए, काठ की नाव, पटरियां, नायलॉन जाल, बोरी, लोहे की सरहद और स्टील की थाली बरामद हुई।
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पूछताछ में पता चला कि आरोपी लंबे समय से संरक्षित प्रजाति के कछुओं का शिकार और तस्करी में संलिप्त थे और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर नदी मार्ग से माल पार करने की फिराक में थे। दोनों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत रेंज केस दर्ज किया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट सूरज कुमार ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कोर क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट में अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए शिकारियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है। जंगल के कोर टाइगर हैबिटेट और संरक्षित वन्यजीवों के शिकार पर तस्करों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।