फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Honorable and workers will not be able to get medicines for local purchase

माननीयों व कर्मियों को नहीं मिल सकेगी लोकल पर्चेज की दवा

Tue, 03 Dec 2019 10:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 10:27 PM IST
विज्ञापन
Honorable and workers will not be able to get medicines for local purchase
बहराइच। स्वास्थ्य महकमे की ओर से अभी तक स्थानीय दवा क्रय की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत माननीयों के साथ ही सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बाहर के मेडिकल स्टोरों से अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहने वाली दवाएं मंगवाई जाती थीं। मगर अब सरकार की ओर से जिले को आवंटित होने वाला बजट 80 फीसदी कम कर दिया गया है। अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति अनुमन्य होने वाले मरीजों के लिए लोकल पर्चेज की सुविधा नहीं दी जा सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने शासनादेश मिलने के बाद इसकी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य महकमे की ओर से अस्पतालों में आने वाले मरीजों के लिए अभी तक लोकल पर्चेज की व्यवस्था तय की गई थी। जिसके तहत अस्पताल के सीएमएस की अनुमति पर स्थानीय मेडिकल स्टोरों से दवाओं की खरीद की जाती थी। सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन का गठन किया गया है।
विज्ञापन

इसके बाद औषधि एवं उपभोग की वस्तुओं के लिए निर्धारित किए जाने वाले बजट का 80 फीसदी हिस्सा मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन को दिया जा रहा है, जबकि महज 20 फीसदी बजट जिले को मिला है। बहराइच जनपद में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में सांसद और विधायकों के साथ ही सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी बीमार होने पर मेडिकल स्टोरों से दवाओं की खरीददारी की जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोकल पर्चेज के नाम पर हो रही खरीददारी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश सिंह और मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. डीके सिंह को पत्र जारी किया गया है। शासन के विशेष सचिव नर्वेंद्र सिंह की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि अस्पतालों में लोकल परचेज की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जिन मरीजों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति अनुमन्य होगी, उन्हें लोकल परचेज की सुविधा नहीं प्रदान की जा सकेगी।
इनको मिलती थी सुविधा
सांसद के साथ ही विधान परिषद सदस्य, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व सांसद आदि को लोकल परचेज के माध्यम से अस्पताल प्रशासन दवाएं उपलब्ध करा सकता था। मगर शासनादेश आने के बाद अब बाहर से दवाओं की खरीद पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

गरीब मरीजों को दे सकते लाभ
सरकार की ओर से दवाओं के लोकल पर्चेज में अब महज 20 फीसदी बजट का आवंटन किया जा रहा है। सरकार की ओर से सांसद, विधायक, अधिकारी व कर्मचारी को बाहर से दवाएं खरीदकर देने पर रोक लगा दी गई है। महज निराश्रित गरीब मरीज को ही कुछ दवाएं खरीदकर दी जा सकेंगी।
- डॉ. डीके सिंह सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed