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तीन साल का संघर्ष 11 दिन में निपटाया

Thu, 28 Jul 2022 11:25 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 11:25 PM IST
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Home guards frog move video viral, claims punishment
बहराइच के कलेक्ट्रेट में किसान को बैल की मौत मका मुआवजा देते जिलाधिकारी। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। गुरुवार का दिन किसान अमरनाथ का दिन था। आज अमरनाथ को वह मिला जिसके लिए वह फरवरी 2019 से संघर्ष कर रहा था। शायद ही कोई दफ्तर बचा हो, जहां अमरनाथ ने गणेश परिक्रमा न की हो। लेकिन मिला वही जो सरकारी दफ्तरों में हर गरीब को मिलता है। आश्वासन और इंतजार। न जाने किसने सलाह दे दी कि वह जिलाधिकारी से मिल ले शायद काम हो जाए। हताश हो चुके किसान ने फिर हिम्मत की और महसी में आयोजित तहसील दिवस में अपनी फरियाद सुनाई। जिलाधिकारी ने किसान की आशा भरी आंखों को देख अपने पास बुलाया। पूरा वाकया सुना और तत्काल किसान की उस मांग को पूर्ण कर दिया, जिसके लिए वह तीन वर्षों से चप्पलें घिस रहा था।
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घटना कुछ यूं है कि 10 फरवरी 2019 को ग्राम बहोरिकपुर के किसान अमरनाथ के बैल की मौत विद्युत पोल में करंट उतरने के कारण हो गई थी। बैल की मौत का मुआवजा प्राप्त करने के लिए किसान लगातार प्रयास कर रहा था। विकास खंड कार्यालय से तहसील और तहसील से जिला मुख्यालय की यात्राएं उसने दर्जनों बार कर डालीं। लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही थी। कभी इस दफ्तर कभी उस दफ्तर वह प्रतिदिन दौड़ लगाया और थक हारकर घर बैठ गया। गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे सलाह दी कि इस बार संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी स्वयं अध्यक्षता करेंगे। एक बार और प्रयास करके देख लो।
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16 जुलाई 2022 को तहसील महसी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी की नजर उस किसान पर पड़ी, जो बड़ी आशा भरी निगाहों से जिलाधिकारी को दूर से एकटक देख रहा था। जिलाधिकारी ने उसे बुलाया और उसे अपनी पूरी बात कहने का भी मौका दिया। मौका मिलते ही किसान अमरनाथ ने अपनी पूरी दास्तान मार्मिक स्वर में सुनाई। माथे पर बल और चेहरे पर झुर्रियां देख जिलाधिकारी भी भाउक हो उठे। उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर तलब किया और सीमित समय के अंदर प्रकरण को निपटाने का आदेश दिया। काम हो जाने के बाद जिलाधिकारी ने किसान अमरनाथ को फोन पर सूचना देकर दफ्तर बुलाया और 25 हजार रुपये का मुआवजा चेक उसके हाथों में दिया।
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