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हर्बल रंगों से खेलें होली

Sun, 12 Mar 2017 09:18 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Sun, 12 Mar 2017 09:18 PM IST
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holi play with herbal colors
रंग खरीदते लाोग - फोटो : अमर उजाला
होली रंगों का त्योहार है, लेकिन खतरनाक रासायनिक रंग होली की खुशियों के साथ ही जिंदगी पर भी ग्रहण लगा सकते हैं। लाल और सिल्वर रंग जहां कैंसर को दावत देते हैं, वहीं काले रंग के प्रयोग से किडनी फेल होने का खतरा रहता है। इन रंगों से बचते हुए होली का त्योहार मनाएं। जरूरी हो तो हर्बल रंगों से एक-दूसरे को सराबोर करें, तभी त्योहार का असली मजा आएगा।  
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होली पर्व का धमाल शुरू हो चुका है। सोमवार को पौ फटते ही रंग व अबीर गुलाल की बौछार होेने लगेगी। होली को रंग बिरंगा करने के लिए बाजार में तरह-तरह के रंगों की दुकानें सज गईं हैं। क्रिस्टल युक्त रंगों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। लाल, सिल्वर और काले रंग की मांग अधिक है। रंग व्यवसायी राजेश ने बताया कि युवाओं की सर्वाधिक पसंद सिल्वर कलर हैं। जबकि बच्चे लाल और हरे रंग की मांग कर रहे हैं।
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मांग के अनुरूप ही इन रंगों की बिक्री तो हो रही है, लेकिन होली का धमाल करने वालों को शायद यह नहीं मालूम कि होली की जिन खुशियों को वह इन रंगों से अपनी मुट्ठी में करना चाह रहे हैं, वह खुशियां ही रंगों के प्रयोग से बिखर सकती हैं। जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि रासायनिक रंगों के बजाए हर्बल रंगों का प्रयोग होली की खुशियों को दुगना कर सकता है।
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बुद्धा अस्पताल के चिकित्सक आरके चौधरी ने कहा कि लाल और सिल्वर कलर कैंसर को दावत देते हैं। काले रंग से किडनी फेल होने का खतरा बढ़ता है। जबकि हरा व बैंगनी कलर एलर्जी, अंधेपन व अस्थमा को दावत देता है। ऐसे में इन रंगों का प्रयोग न करें। जिससे होली के रंग से जिंदगी बदरंग न हो। 


इंसेट 
यह है रंगों का दुष्प्रभाव
रेड कलर- यह कर्मरी सल्फेट से बनता है। इससे त्वचा कैंसर, मीना माता, पैरालिसिस और आंखों में झिलमिलाहट के रोग हो सकते हैं। 
सिल्वर कलर- यह एल्यूमीनियम ब्रोमाइड से बनता है। इसके प्रयोग से कैसर होने का खतरा अधिक रहता है। 
ब्लैक कलर- यह लेड आक्साइड से तैयार होता है। इसके प्रयोग से किडनी फेल होने का खतरा बनता है। श्रवण शक्ति का हृास होता है। 
ग्रीन कलर- यह कापर सल्फेट से तैयार होता है। त्वचा की एलर्जी व अंधापन को बढ़ाता है। 
बैंगनी कलर- यह क्रोमियम ब्रोमाइड से तैयार होता है। अस्थमा व एलर्जी को बढ़ाता है। 

इंसेट 
ऐसे करें खतरनाक रंगों से बचाव
जिले के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरबी सिंह का कहना है कि रासायनिक रंगों का प्रयोग अगर होता भी है तो उससे बचने के लिए पहले से तैयारियां कर लें। होली का हुड़दंग करने के लिए शरीर पर कड़वा तेल या कोकोनट ऑयल का लेपन कर घर से निकलें। आंखों पर चश्मा जरूर अवश्य लगाएं। सिर पर टोपी का इस्तेमाल करें। जहां तक हो सके हर्बल रंग या अबीर-गुलाल का ही इस्तेमाल करें।
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