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घाघरा का जलस्तर बढ़ा, सात गांवों को खतरा
अमर उजाला/बहराइच
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:41 PM IST
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नदी का बढ़ा जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल के पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इससे सात गांवों के लोगों में दहशत है। अभी कटान नहीं शुरू हुई है, लेकिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ चौकियां सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण कटान की आशंका से दहशत में हैं।
घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर फिर शुरू हो गया है। नेपाल के पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही वर्षा के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि शनिवार दोपहर में एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 102.304 मीटर था। लेकिन जलस्तर में दोपहर बाद से इजाफा शुरू हो गया। आधे सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा। जिसके चलते रविवार दोपहर दो बजे तक नदी का जलस्तर 102.506 मीटर रिकॉर्ड हुआ।
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उन्होंने कहा कि फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी रुक गई है। लेकिन उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील क्षेत्र में तटबंध के उस पार बसे सात गांवों के लोग फिर दहशत में आ गए हैं।
इन गांवों से नदी की दूरी 10 से 15 मीटर ही है। नदी की लहरें लोगों के मकानों पर थपेड़े ले रही हैं। ऐसे में जलस्तर में कमी पर अगर कटान शुरू हुई तो एक बार फिर ग्रामीणों को बेघर होना पड़ेगा। यह सोचकर ग्रामीणों की रात की नींद हराम हो गई है। सिपाहिया हुलास, चरीगाह, चमारनपुरवा, अहिरनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, नईबस्ती गोलागंज, कायमपुर गांव से नदी सटकर बह रही है।
उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार ने कहा कि घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हुआ है। इसके मद्देनजर क्षेत्र के राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल व राजस्व निरीक्षक नदी के मुहाने पर बसे गांवों पर नजर रख रहे हैं। अभी कटान शुरू नहीं हुई है और न ही बाढ़ की स्थिति है। फिर भी बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि बाढ़ आने पर समस्या का सामना न करना पड़े।
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घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर फिर शुरू हो गया है। नेपाल के पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही वर्षा के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि शनिवार दोपहर में एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 102.304 मीटर था। लेकिन जलस्तर में दोपहर बाद से इजाफा शुरू हो गया। आधे सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा। जिसके चलते रविवार दोपहर दो बजे तक नदी का जलस्तर 102.506 मीटर रिकॉर्ड हुआ।
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उन्होंने कहा कि फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी रुक गई है। लेकिन उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील क्षेत्र में तटबंध के उस पार बसे सात गांवों के लोग फिर दहशत में आ गए हैं।
इन गांवों से नदी की दूरी 10 से 15 मीटर ही है। नदी की लहरें लोगों के मकानों पर थपेड़े ले रही हैं। ऐसे में जलस्तर में कमी पर अगर कटान शुरू हुई तो एक बार फिर ग्रामीणों को बेघर होना पड़ेगा। यह सोचकर ग्रामीणों की रात की नींद हराम हो गई है। सिपाहिया हुलास, चरीगाह, चमारनपुरवा, अहिरनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, नईबस्ती गोलागंज, कायमपुर गांव से नदी सटकर बह रही है।
उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार ने कहा कि घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हुआ है। इसके मद्देनजर क्षेत्र के राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल व राजस्व निरीक्षक नदी के मुहाने पर बसे गांवों पर नजर रख रहे हैं। अभी कटान शुरू नहीं हुई है और न ही बाढ़ की स्थिति है। फिर भी बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि बाढ़ आने पर समस्या का सामना न करना पड़े।