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जियो बैग से मोड़ी जाएगी घाघरा की धारा
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महसी (बहराइच)। बेलहा-बेहरौली तटबंध की ओर से घाघरा नदी की धारा को मोड़ने के लिए जियो बैग का सहारा लिया जा रहा है। इसके साथ ही आठ कटर बनाए गए हैं। अब स्पर को दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। इस पर लगभग 10 लाख का बजट खर्च हुआ है।
तहसील क्षेत्र महसी में प्रतिवर्ष घाघरा की लहरें तबाही मचाती हैं। कटान के साथ लगभग चार लाख की आबादी बाढ़ की विभीषिका से जूझती है। बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बिसवां और बौंडी के निकट चार स्थानों पर नदी और तटबंध के बीच महज 100 मीटर का फासला बचा है।
इसे देखते हुए जिलाधिकारी शंभु कुमार ने सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम को बाढ़ पूर्व बचाव कार्य करवाने के निर्देश दिए थे। उसी के तहत बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बिसवां के निकट स्पर नंबर एक के पास घाघरा नदी की धारा मोड़ने के लिए तीन जियो बैग डाले गए हैं।
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ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि जियो बैग से टकराकर नदी की धारा की दिशा बदल जाएगी। वहीं स्पर को सुरक्षित करने के लिए आठ कटर का निर्माण करवाया गया है।
इन कटर के द्वारा नदी का पानी स्पर से नहीं टकराएगा जिससे स्पर भी सुरक्षित रहेगा। एक्सईएन ने बताया कि लगभग 10 लाख रुपये अनुरक्षण कार्य पर व्यय हुआ है।
बाढ़ खंड के एक्सईएन शोभित कुशवाहा ने बताया कि अनुरक्षण कार्य तत्काल करवाने की जरूरत होती है। स्थानीय अच्छी गुडविल वाले ठेकेदारों के द्वारा कार्य करवाया जाता है। उसी के तहत 25 जून से पहले अनुरक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब बाढ़ आने पर स्पर और तटबंध लगभग सुरक्षित हो गया है।
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तहसील क्षेत्र महसी में प्रतिवर्ष घाघरा की लहरें तबाही मचाती हैं। कटान के साथ लगभग चार लाख की आबादी बाढ़ की विभीषिका से जूझती है। बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बिसवां और बौंडी के निकट चार स्थानों पर नदी और तटबंध के बीच महज 100 मीटर का फासला बचा है।
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इसे देखते हुए जिलाधिकारी शंभु कुमार ने सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम को बाढ़ पूर्व बचाव कार्य करवाने के निर्देश दिए थे। उसी के तहत बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बिसवां के निकट स्पर नंबर एक के पास घाघरा नदी की धारा मोड़ने के लिए तीन जियो बैग डाले गए हैं।
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ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि जियो बैग से टकराकर नदी की धारा की दिशा बदल जाएगी। वहीं स्पर को सुरक्षित करने के लिए आठ कटर का निर्माण करवाया गया है।
इन कटर के द्वारा नदी का पानी स्पर से नहीं टकराएगा जिससे स्पर भी सुरक्षित रहेगा। एक्सईएन ने बताया कि लगभग 10 लाख रुपये अनुरक्षण कार्य पर व्यय हुआ है।
बाढ़ खंड के एक्सईएन शोभित कुशवाहा ने बताया कि अनुरक्षण कार्य तत्काल करवाने की जरूरत होती है। स्थानीय अच्छी गुडविल वाले ठेकेदारों के द्वारा कार्य करवाया जाता है। उसी के तहत 25 जून से पहले अनुरक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब बाढ़ आने पर स्पर और तटबंध लगभग सुरक्षित हो गया है।