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Bahraich News: चार ग्राम पंचायतों में चार करोड़ से बनेंगे एफएसटीपी
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बहराइच। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले की चार ग्राम पंचायतों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) बनाए जाएंगे। चारों प्लांट के निर्माण पर चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए भूमि चिह्नित कर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इन प्लांटों से तीन हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल-जल का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सकेगा।
प्लांट बनने के बाद सेप्टिक टैंक की सफाई से निकलने वाले मल-जल को खुले में फेंकने के बजाय शोधित किया जाएगा। टैंकरों से मल-जल प्लांट तक लाया जाएगा। स्क्रीनिंग चेंबर में जाली की मदद से प्लास्टिक, कपड़े और नैपकिन जैसे ठोस कचरे को अलग किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न प्रक्रियाओं से मल-जल का उपचार होगा। उपचार के बाद प्राप्त ठोस अपशिष्ट का खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा, जबकि शोधित पानी से फसलों की सिंचाई की जा सकेगी।
प्रतिदिन 10 हजार लीटर होगी क्षमता
प्रत्येक प्लांट की क्षमता करीब 10 हजार लीटर प्रतिदिन होगी। दुर्गंध और संक्रमण का खतरा कम करने के लिए इन्हें आबादी से 250 से 500 मीटर दूर बनाने की योजना है। एक प्लांट के संचालन में करीब 30 किलोवाट बिजली और पांच हजार लीटर पानी की जरूरत होगी।
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इन गांवों में बनेंगे प्लांट
मिहींपुरवा ब्लॉक के जालिम नगर, तेजवापुर के ढोढायल, शिवपुर के मसूदनगर बस्थनवा और फखरपुर के घरूवा सर्की में निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।
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प्लांट बनने के बाद सेप्टिक टैंक की सफाई से निकलने वाले मल-जल को खुले में फेंकने के बजाय शोधित किया जाएगा। टैंकरों से मल-जल प्लांट तक लाया जाएगा। स्क्रीनिंग चेंबर में जाली की मदद से प्लास्टिक, कपड़े और नैपकिन जैसे ठोस कचरे को अलग किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न प्रक्रियाओं से मल-जल का उपचार होगा। उपचार के बाद प्राप्त ठोस अपशिष्ट का खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा, जबकि शोधित पानी से फसलों की सिंचाई की जा सकेगी।
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प्रतिदिन 10 हजार लीटर होगी क्षमता
प्रत्येक प्लांट की क्षमता करीब 10 हजार लीटर प्रतिदिन होगी। दुर्गंध और संक्रमण का खतरा कम करने के लिए इन्हें आबादी से 250 से 500 मीटर दूर बनाने की योजना है। एक प्लांट के संचालन में करीब 30 किलोवाट बिजली और पांच हजार लीटर पानी की जरूरत होगी।
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इन गांवों में बनेंगे प्लांट
मिहींपुरवा ब्लॉक के जालिम नगर, तेजवापुर के ढोढायल, शिवपुर के मसूदनगर बस्थनवा और फखरपुर के घरूवा सर्की में निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।