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सिंचाई कॉलोनी में सड़क निर्माण में धांधली
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बहराइच। सिंचाई विभाग की ओर से कल्पीपारा सिंचाई कॉलोनी की आंतरिक सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 50 लाख रुपये से बन रही सड़क में आठ लाख की नई ईंटें लगाने का स्टीमेट है, मगर ठेकेदार पुरानी ईंटों से ही सड़क की पटरी बनाकर विभाग को चूना लगा रहा है। अधीक्षण अभियंता को भी पुरानी या नई ईंट लगने के बारे में जानकारी नहीं है। जबकि अनुबंध उन्हीं के द्वारा ही कराया गया है।
कल्पीपारा सिंचाई कॉलोनी में सिंचाई विभाग के अलग-अलग खंड कार्यालय स्थापित हैं। कॅालोनी में कर्मचारियों व अधिकारियों के रहने के लिए आवास भी बने हुए हैं। कॉलोनी में जाने के लिए सड़क बनी हुई है। सड़क के निर्माण के लिए बीते माह टेंडर कराया गया था। लगभग पचास लाख रुपये से सड़क का निर्माण किया जाना है।
सड़क निर्माण के स्टीमेट में करीब आठ लाख रुपये से नई ईंट लगाकर पटरी को दुरुस्त करने का नियम रखा गया है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा नियमों को दरकिनार कर खोदाई से निकाली गई पुरानी ईंटों को फिर से लगा दिया जा रहा है। अधिकारियों को दिखाने के लिए कुछ नई ईंट भी जगह-जगह डाल दी गई है। नई ईंट लगाए जाने को लेकर अधीक्षण अभियंता भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। ऐसे में काम की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है।
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उधर, सड़क निर्माण में किए जा रहे पुराने ईंट के प्रयोग पर अधीक्षण अभियंता नवम मंडल सिंचाई कार्य नियाज अहमद से बात की गई तो उनका कहना था कि स्टीमेट में पुरानी ईंट लगाने का नियम होगा, तभी लगाई जा रही हैं। हालांकि वह इस बारे में आश्वस्त नहीं है।
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कल्पीपारा सिंचाई कॉलोनी में सिंचाई विभाग के अलग-अलग खंड कार्यालय स्थापित हैं। कॅालोनी में कर्मचारियों व अधिकारियों के रहने के लिए आवास भी बने हुए हैं। कॉलोनी में जाने के लिए सड़क बनी हुई है। सड़क के निर्माण के लिए बीते माह टेंडर कराया गया था। लगभग पचास लाख रुपये से सड़क का निर्माण किया जाना है।
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सड़क निर्माण के स्टीमेट में करीब आठ लाख रुपये से नई ईंट लगाकर पटरी को दुरुस्त करने का नियम रखा गया है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा नियमों को दरकिनार कर खोदाई से निकाली गई पुरानी ईंटों को फिर से लगा दिया जा रहा है। अधिकारियों को दिखाने के लिए कुछ नई ईंट भी जगह-जगह डाल दी गई है। नई ईंट लगाए जाने को लेकर अधीक्षण अभियंता भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। ऐसे में काम की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है।
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उधर, सड़क निर्माण में किए जा रहे पुराने ईंट के प्रयोग पर अधीक्षण अभियंता नवम मंडल सिंचाई कार्य नियाज अहमद से बात की गई तो उनका कहना था कि स्टीमेट में पुरानी ईंट लगाने का नियम होगा, तभी लगाई जा रही हैं। हालांकि वह इस बारे में आश्वस्त नहीं है।