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भकला पुल तोड़ नया फोर लेन ब्रिज बनेगा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 07 Jul 2015 10:42 PM IST
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श्रावस्ती। राप्ती नदी पर बना भकला पुल जल्द ही पुराने
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जमाने की बात होने वाला है। इस पुल को तोड़ कर नया फोर लेन पुल बनेगा। पुल
निर्माण का इस्टीमेट दो माह पूर्व ही भेजा गया था।
बहराइच-श्रावस्ती को राप्ती नदी पर जोड़ने वाले भकला पुल के स्थान पर फोर लेन वाले नए पुल के निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी भी दिखा दी है।
इसके लिए शासन द्वारा 52 करोड़ 89 लाख 10 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इस कार्य को तत्काल प्रारंभ कराने के लिए 10 करोड़ 58 लाख रुपये का बजट कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को दे भी दिया गया है।
पहले दो लेन पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पुराने पुल को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
इंदिरा गांधी को दिखाए थे काले झंडे
राप्ती नदी पर बना भकला पुल अपने आप में एक इतिहास सहेजे हुए है। बताया जाता है कि लगभग चार दशक पूर्व श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी में भयंकर बाढ़ आई थी।
इसके चलते भिनगा, सिरसिया, व हरिहरपुरानी विकास खंड़ के सभी गांव टापू बन गए थे। आम जन जीवन इतना बदहाल हो गया था की लगभग एक सप्ताह तक लोग पेड़ों पर अपने बच्चों के साथ बिना कुछ खाए बैठे थे।
इसी दौरान बहराइच के गेंद घर में उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम की जानकारी होने के बाद हजारों की संख्या में ग्रामीण पेड़ों से उतर कर उफनाती राप्ती को तैरकर पार करके पैदल ही गेंद घर जाकर उनको काले झंडे दिखाए थे।
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इस विरोध के बाद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रात में एक छोटी नाव से भकला घाट को पार कर भिनगा सहित कुछ ग्रामीण इलाकों का दौरा किया था। इसी दौरे के दौरान भकला पर पुल निर्माण को मंजूरी मिली थी।
छोटा पुल होने से बाढ़ के दौरान होती समस्या
राप्ती नदी पर बना भकला पुल मानक से छोटा बताया जाता है। इसके चलते बाढ़ के दौरान पानी डिर्स्चाज होने में समस्या आती थी।
विगत वर्ष आई बाढ़ के दौरान पूरा पानी पुल के नीचे से डिस्चार्ज न होने के कारण लक्ष्मननगर के पास नदी में लगभग दो सौ मीटर फोरलेन को ही काट दिया था।
इसी के बाद पुराने पुल के स्थान पर नए पुल की आवश्यकता ज्यादा महसूस होने लगी थी।
इस पुल को स्वीकृत कराने वाले अधीक्षण अभियंता एसपी शर्मा बताते है कि मौजूदा पुल से किसी भी हालत में बाढ़ का पानी नहीं निकाला जा सकता है। इसके लिए नए पुल की जरूरत थी।
अधिशासी अभियंता एमपी सिंह ने कहा कि पुल स्वीकृति की सूचना मिली है। जल्द ही फोरलेन मानक के अनुसार नए पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
बहराइच-श्रावस्ती को राप्ती नदी पर जोड़ने वाले भकला पुल के स्थान पर फोर लेन वाले नए पुल के निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी भी दिखा दी है।
इसके लिए शासन द्वारा 52 करोड़ 89 लाख 10 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इस कार्य को तत्काल प्रारंभ कराने के लिए 10 करोड़ 58 लाख रुपये का बजट कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को दे भी दिया गया है।
पहले दो लेन पुल का निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पुराने पुल को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
इंदिरा गांधी को दिखाए थे काले झंडे
राप्ती नदी पर बना भकला पुल अपने आप में एक इतिहास सहेजे हुए है। बताया जाता है कि लगभग चार दशक पूर्व श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी में भयंकर बाढ़ आई थी।
इसके चलते भिनगा, सिरसिया, व हरिहरपुरानी विकास खंड़ के सभी गांव टापू बन गए थे। आम जन जीवन इतना बदहाल हो गया था की लगभग एक सप्ताह तक लोग पेड़ों पर अपने बच्चों के साथ बिना कुछ खाए बैठे थे।
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इसी दौरान बहराइच के गेंद घर में उस समय देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम की जानकारी होने के बाद हजारों की संख्या में ग्रामीण पेड़ों से उतर कर उफनाती राप्ती को तैरकर पार करके पैदल ही गेंद घर जाकर उनको काले झंडे दिखाए थे।
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इस विरोध के बाद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रात में एक छोटी नाव से भकला घाट को पार कर भिनगा सहित कुछ ग्रामीण इलाकों का दौरा किया था। इसी दौरे के दौरान भकला पर पुल निर्माण को मंजूरी मिली थी।
छोटा पुल होने से बाढ़ के दौरान होती समस्या
राप्ती नदी पर बना भकला पुल मानक से छोटा बताया जाता है। इसके चलते बाढ़ के दौरान पानी डिर्स्चाज होने में समस्या आती थी।
विगत वर्ष आई बाढ़ के दौरान पूरा पानी पुल के नीचे से डिस्चार्ज न होने के कारण लक्ष्मननगर के पास नदी में लगभग दो सौ मीटर फोरलेन को ही काट दिया था।
इसी के बाद पुराने पुल के स्थान पर नए पुल की आवश्यकता ज्यादा महसूस होने लगी थी।
इस पुल को स्वीकृत कराने वाले अधीक्षण अभियंता एसपी शर्मा बताते है कि मौजूदा पुल से किसी भी हालत में बाढ़ का पानी नहीं निकाला जा सकता है। इसके लिए नए पुल की जरूरत थी।
अधिशासी अभियंता एमपी सिंह ने कहा कि पुल स्वीकृति की सूचना मिली है। जल्द ही फोरलेन मानक के अनुसार नए पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।