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बुखार व बर्थ एक्सफिक्सिया से चार मासूमों की मौत
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बहराइच में जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती बुखार से पीड़ित बच्चे।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में इलाज के दौरान चार मासूमों की मौत हो गई। इनमें एक बर्थ एक्सफिक्सिया व तीन मासूम बुखार से पीड़ित थे। उधर, बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 30 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें पांच रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें पीआईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
तराई में तीन दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी संक्रामक रोगों का वाहक बन रही है। गर्मी के चलते मासूम बुखार व डायरिया की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। बहराइच स्थित मेडिकल कॉलेज का चिल्ड्रेन वार्ड इस समय मासूम रोगियों से भरा हुआ है।
पयागपुर विकास खंड के शिवदहा निवासी इशारुल निशा (4) पुत्री असलम ने बुधवार को सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बलरामपुर जिले के चौकापुर निवासी संजना (एक माह) और नेपाल के बांके जिला निवासी अब्दुल कुद्दूस (6) पुत्र साहिद की दोपहर बाद मौत हो गई।
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उधर, फखरपुर विकास खंड के रायपुर निवासी मनीराम की पत्नी रानी ने बेटी को जन्म दिया। लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही मासूम की हालत बिगड़ गई। इस पर उसे मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया। जहां इलाज शुरू होते ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। एक दिन में चार मासूमों की मौत होने से अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। उधर, मेडिकल कॉलेज में बुखार व डायरिया से पीड़ित 30 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें पांच रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के भय से छिपाया रजिस्टर
मेडिकल कॉलेेज के चिल्ड्रेन वार्ड में बुधवार को ही चार मासूमों की मौत हो गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डेथ रजिस्टर को छिपा दिया, जिससे गुरुवार को मौत होने का खुलासा हो सका।
गंभीर हालत में आए थे
मेडिकल कॉलेज में बुधवार को इलाज के दौरान बर्थ एक्सफिक्सिया व बुखार से पीड़ित चार मासूमों की मौत हुई है, लेकिन सभी रोगी गंभीर हालत में रेफर होकर आए थे। काफी कोशिश के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
- डॉ. डीके सिंह, सीएमएस
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तराई में तीन दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी संक्रामक रोगों का वाहक बन रही है। गर्मी के चलते मासूम बुखार व डायरिया की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। बहराइच स्थित मेडिकल कॉलेज का चिल्ड्रेन वार्ड इस समय मासूम रोगियों से भरा हुआ है।
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पयागपुर विकास खंड के शिवदहा निवासी इशारुल निशा (4) पुत्री असलम ने बुधवार को सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बलरामपुर जिले के चौकापुर निवासी संजना (एक माह) और नेपाल के बांके जिला निवासी अब्दुल कुद्दूस (6) पुत्र साहिद की दोपहर बाद मौत हो गई।
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उधर, फखरपुर विकास खंड के रायपुर निवासी मनीराम की पत्नी रानी ने बेटी को जन्म दिया। लेकिन जन्म के कुछ देर बाद ही मासूम की हालत बिगड़ गई। इस पर उसे मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किया गया। जहां इलाज शुरू होते ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए। एक दिन में चार मासूमों की मौत होने से अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। उधर, मेडिकल कॉलेज में बुखार व डायरिया से पीड़ित 30 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें पांच रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के भय से छिपाया रजिस्टर
मेडिकल कॉलेेज के चिल्ड्रेन वार्ड में बुधवार को ही चार मासूमों की मौत हो गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डेथ रजिस्टर को छिपा दिया, जिससे गुरुवार को मौत होने का खुलासा हो सका।
गंभीर हालत में आए थे
मेडिकल कॉलेज में बुधवार को इलाज के दौरान बर्थ एक्सफिक्सिया व बुखार से पीड़ित चार मासूमों की मौत हुई है, लेकिन सभी रोगी गंभीर हालत में रेफर होकर आए थे। काफी कोशिश के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
- डॉ. डीके सिंह, सीएमएस