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बसों की छत पर बैठ यात्रा करने को विवश यात्री
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:17 AM IST
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रुपईडीहा में स्थित परिवहन निगम के बस स्टैंड पर बसों की कमी के कारण यात्रियों को छत के ऊपर बैठ कर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। इतना ही नहीं यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे किराये का दो से तीन गुना अधिक वसूला जा रहा है।
नेपाल में बीते दिनों आए विनाशकारी भूकंप के बाद वहां के गरीब तबके के लोगों को रोजी-रोटी के लिए भारतीय महानगरों का ही सहारा है। इसके चलते इस समय काफी संख्या में नेपाली नागरिक शिमला, हरिद्वार, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ को जा रहे हैं। इससे बसों में भीड़ बढ़ गई है।
लेकिन रोडवेज प्रशासन पर्याप्त संख्या में बसें मुहैया नहीं करा पा रहा है। इसके चलते सीट के नाम पर यात्रियों से रोडवेज पर किराया के अतिरिक्त 100-100 रुपये प्रति यात्री की वसूली की जा रही है। जो यात्री 100 रुपये नहीं दे पाते उन्हें बस की छत पर यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। कई बार इस मामले में आवाज भी उठाई गई लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सुबह शाहजहांपुर डिपो की बस पर छत के ऊपर 70 से अधिक यात्रियों को बिठाया गया। कुछ यात्रियों का टिकट भी नहीं बनाया गया। इसका नेपाली यात्रियों ने विरोध किया तो 25 लोगों का पैसा वापस कर दिया गया। यही हाल अन्य डिपो की बसों का भी है। इस व्यवस्था से यात्री काफी परेशान हैं।
इस संबंध में रुपईडीहा के समाजसेवी रमेश अमलानी, विजय कुमार गुप्ता, हिंदू युवा वाहिनी के बृजनरेश श्रीवास्तव, शेरसिंह कसौंधन, गुड्डू मदेशिया ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर यात्रियों का उत्पीड़न बंद कर आवश्यकता अनुसार बसों के संचालन कराने की आवाज उठाई है।
(वर्जन)
जांच करवाकर करेंगे कार्रवाई
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश पाल का कहना है कि क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाने और अधिक वसूली का मामला संज्ञान में नहीं था। अब पता चला है। जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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नेपाल में बीते दिनों आए विनाशकारी भूकंप के बाद वहां के गरीब तबके के लोगों को रोजी-रोटी के लिए भारतीय महानगरों का ही सहारा है। इसके चलते इस समय काफी संख्या में नेपाली नागरिक शिमला, हरिद्वार, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ को जा रहे हैं। इससे बसों में भीड़ बढ़ गई है।
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लेकिन रोडवेज प्रशासन पर्याप्त संख्या में बसें मुहैया नहीं करा पा रहा है। इसके चलते सीट के नाम पर यात्रियों से रोडवेज पर किराया के अतिरिक्त 100-100 रुपये प्रति यात्री की वसूली की जा रही है। जो यात्री 100 रुपये नहीं दे पाते उन्हें बस की छत पर यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है। कई बार इस मामले में आवाज भी उठाई गई लेकिन परिवहन विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सुबह शाहजहांपुर डिपो की बस पर छत के ऊपर 70 से अधिक यात्रियों को बिठाया गया। कुछ यात्रियों का टिकट भी नहीं बनाया गया। इसका नेपाली यात्रियों ने विरोध किया तो 25 लोगों का पैसा वापस कर दिया गया। यही हाल अन्य डिपो की बसों का भी है। इस व्यवस्था से यात्री काफी परेशान हैं।
इस संबंध में रुपईडीहा के समाजसेवी रमेश अमलानी, विजय कुमार गुप्ता, हिंदू युवा वाहिनी के बृजनरेश श्रीवास्तव, शेरसिंह कसौंधन, गुड्डू मदेशिया ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर यात्रियों का उत्पीड़न बंद कर आवश्यकता अनुसार बसों के संचालन कराने की आवाज उठाई है।
(वर्जन)
जांच करवाकर करेंगे कार्रवाई
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश पाल का कहना है कि क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाने और अधिक वसूली का मामला संज्ञान में नहीं था। अब पता चला है। जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।