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इतिहास में पहली बार नवरात्र में बंद रहेगा मंदिर, घर पर होगी पूजा
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बहराइच में मंगलवार को कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनजर बंद मरीमाता मंदिर व परिसर में बंद दुकानें?
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ आज से है। आज के दिन मां नाव पर सवार होकर आएंगी। मंदिर में होने वाले सारे आयोजन निरस्त कर दिए गए हैं। नवरात्र पर्व पर भक्त अपने घर में ही पूजन-अर्चन कर नवरात्र का शुभारंभ करेंगे। इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि नवरात्र पर्व में मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए बंद रहेंगे।
चैत्र नवरात्र का शुभारंभ आज से हो रहा है। नवरात्र पर्व पर सुबह से ही मंदिर के द्वार पर पूजन-अर्चन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की कतार इस बार नहीं लगेगी। भीड़ से खचाखच भरे रहने वाले मंदिर परिसर में इस बार सन्नाटा पसरा रहेगा। ऐसा निर्णय बढ़ रहे कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मंदिर समितियों की ओर से लिया गया है। नवरात्र पर्व की शुरूआत श्रद्धालु अपने घर पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करने के बाद शुभारंभ करेंगे।
मरीमाता मंदिर के प्रबंधक योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि दो अप्रैल तक मंदिर बंद रखने का निर्णय लिया गया है। स्थिति में सुधार होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रबंधक ने बताया कि इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि माता जी के दिन की शुरूआत होने पर मंदिर का दरबार बंद करने का निर्णय लेना पड़ रहा है। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भीड़-भीड़ एकत्रित न हो। इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
श्री मरीमाता मंदिर के पुजारी रामफेरे ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 3:45 बजे या 11:35 से 12:23 बजे तक है। इन दोनों समय के बीच भक्तगण अपने सुविधानुसार घर में कलश स्थापना कर सकते हैं। वहीं पंडित विनय मिश्र ने बताया कि अभिजित मुहूर्त में सुबह 10.49 से 1.15 बजे के बीच कलश की स्थापना की जा सकेगी।
सज जाते थी प्रसाद वाली दुकानें
पहले जब भी नवरात्र का शुभारंभ होना होता था तो उसके एक दिन पहले से संघारिणी मंदिर व मरीमाता मंदिर के बाहर प्रसाद व चुनरी की दुकानें सज जाती थीं। इस बार दुकानें तो लगने के लिए पंडाल बनाया गया है, लेकिन लटकी हुई चुनरी व सजे हुए प्रसाद जैसे दृश्य नहीं देखने को मिले।
फलों की दुकान पर सन्नाटा
बढ़ते कोरोनाके प्रकोप के चलते शुरू हो रहे नवरात्र पर्व पर फलों के दुकान पर लगने वाली भीड़ की जगह सन्नाटा पसरा हुआ है। एक-दो लोग आकर फल ले जा रहे हैं। फलों की खरीददारी में सावधानियां बरती जा रही हैं। दूर से ही बोलकर सामान को ग्राहक लेना पसंद कर रहे हैं।
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चैत्र नवरात्र का शुभारंभ आज से हो रहा है। नवरात्र पर्व पर सुबह से ही मंदिर के द्वार पर पूजन-अर्चन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की कतार इस बार नहीं लगेगी। भीड़ से खचाखच भरे रहने वाले मंदिर परिसर में इस बार सन्नाटा पसरा रहेगा। ऐसा निर्णय बढ़ रहे कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मंदिर समितियों की ओर से लिया गया है। नवरात्र पर्व की शुरूआत श्रद्धालु अपने घर पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करने के बाद शुभारंभ करेंगे।
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मरीमाता मंदिर के प्रबंधक योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि दो अप्रैल तक मंदिर बंद रखने का निर्णय लिया गया है। स्थिति में सुधार होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रबंधक ने बताया कि इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि माता जी के दिन की शुरूआत होने पर मंदिर का दरबार बंद करने का निर्णय लेना पड़ रहा है। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भीड़-भीड़ एकत्रित न हो। इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
श्री मरीमाता मंदिर के पुजारी रामफेरे ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 3:45 बजे या 11:35 से 12:23 बजे तक है। इन दोनों समय के बीच भक्तगण अपने सुविधानुसार घर में कलश स्थापना कर सकते हैं। वहीं पंडित विनय मिश्र ने बताया कि अभिजित मुहूर्त में सुबह 10.49 से 1.15 बजे के बीच कलश की स्थापना की जा सकेगी।
सज जाते थी प्रसाद वाली दुकानें
पहले जब भी नवरात्र का शुभारंभ होना होता था तो उसके एक दिन पहले से संघारिणी मंदिर व मरीमाता मंदिर के बाहर प्रसाद व चुनरी की दुकानें सज जाती थीं। इस बार दुकानें तो लगने के लिए पंडाल बनाया गया है, लेकिन लटकी हुई चुनरी व सजे हुए प्रसाद जैसे दृश्य नहीं देखने को मिले।
फलों की दुकान पर सन्नाटा
बढ़ते कोरोनाके प्रकोप के चलते शुरू हो रहे नवरात्र पर्व पर फलों के दुकान पर लगने वाली भीड़ की जगह सन्नाटा पसरा हुआ है। एक-दो लोग आकर फल ले जा रहे हैं। फलों की खरीददारी में सावधानियां बरती जा रही हैं। दूर से ही बोलकर सामान को ग्राहक लेना पसंद कर रहे हैं।