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Bahraich News: लाल-नीली बत्ती लगी कार से सीमा पार करते पांच गिरफ्तार
Tue, 13 Jan 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:23 AM IST
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रुपईडीहा में लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा के साथ पकड़े गए आरोपी। - स्रोत : एसएसबी
रुपईडीहा। खुद को सचिवालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लाल व नीली बत्ती लगी कार से सोमवार को नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर रहे लखनऊ के पांच युवकों को पुलिस और एसएसबी ने गिरफ्तार कर लिया। चेक पोस्ट पर तैनात जवानों को आरोपियों ने अर्दब में लेने का भी प्रयास किया। उनके कब्जे से दो लाख रुपये से अधिक की नकदी और कई महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12:26 बजे रुपईडीहा चेक पोस्ट पर सहायक कमांडेंट अमित कटियार के नेतृत्व में जवान सीमा पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान लाल व नीली बत्ती लगी इनोवा क्रिस्टा कार संख्या यूपी-32 एमजेड-2377 को रोका गया। वाहन में सवार लोगों से पूछताछ के दौरान संदेह होने पर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस, 2,17,480 रुपये नकद, कई महंगे मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद हुई।
तलाशी के दौरान कार सवार सभी लोग खुद को सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी बताकर चेकिंग कर रहे जवानों पर रौब गांठने की कोशिश करते रहे। हालांकि, चेकिंग के दौरान नकदी और महंगे मोबाइल फोन मिलने पर जब उनसे अधिकारी होने से संबंधित पहचान पत्र मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सभी को थाना रुपईडीहा लाया गया।
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थाना रुपईडीहा के प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लखनऊ के बरौना निवासी धर्मेंद्र सिंह, एलडीए कॉलोनी आशियाना निवासी शुभम बाजपेई, सुशांत गोल्फ सिटी निवासी अनमोल यादव, एसपीजीआई कैंपस निवासी सचिन सिंह और आलमबाग निवासी स्वपनिल सहाय शामिल हैं।
दो के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमे
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में जब लखनऊ की पुलिस से जानकारी ली गई तो सामने आया कि धर्मेंद्र सिंह के विरुद्ध पूर्व में थाना पीजीआई लखनऊ में जुआ अधिनियम तथा थाना सुशांत गोल्फ सिटी में विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अनमोल यादव के खिलाफ भी सुशांत गोल्फ सिटी थाने में विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
सवाल : इलेक्ट्रॉनिक चिप का कहां होता था उपयोग
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
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एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 12:26 बजे रुपईडीहा चेक पोस्ट पर सहायक कमांडेंट अमित कटियार के नेतृत्व में जवान सीमा पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान लाल व नीली बत्ती लगी इनोवा क्रिस्टा कार संख्या यूपी-32 एमजेड-2377 को रोका गया। वाहन में सवार लोगों से पूछताछ के दौरान संदेह होने पर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस, 2,17,480 रुपये नकद, कई महंगे मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद हुई।
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तलाशी के दौरान कार सवार सभी लोग खुद को सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी बताकर चेकिंग कर रहे जवानों पर रौब गांठने की कोशिश करते रहे। हालांकि, चेकिंग के दौरान नकदी और महंगे मोबाइल फोन मिलने पर जब उनसे अधिकारी होने से संबंधित पहचान पत्र मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सभी को थाना रुपईडीहा लाया गया।
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थाना रुपईडीहा के प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लखनऊ के बरौना निवासी धर्मेंद्र सिंह, एलडीए कॉलोनी आशियाना निवासी शुभम बाजपेई, सुशांत गोल्फ सिटी निवासी अनमोल यादव, एसपीजीआई कैंपस निवासी सचिन सिंह और आलमबाग निवासी स्वपनिल सहाय शामिल हैं।
दो के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमे
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में जब लखनऊ की पुलिस से जानकारी ली गई तो सामने आया कि धर्मेंद्र सिंह के विरुद्ध पूर्व में थाना पीजीआई लखनऊ में जुआ अधिनियम तथा थाना सुशांत गोल्फ सिटी में विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अनमोल यादव के खिलाफ भी सुशांत गोल्फ सिटी थाने में विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।
सवाल : इलेक्ट्रॉनिक चिप का कहां होता था उपयोग
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।