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Bahraich News: बुखार व निमोनिया का कहर, वार्ड में 49 बच्चे भर्ती
Thu, 03 Apr 2025 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:17 AM IST
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बहराइच मेडिकल कालेज के पीआईसीयू में एक बेड पर भर्ती दो बच्चे।
बहराइच। तराई में हर दिन मौसम का मिजाल बदल रहा है। बदलते मौसम के कारण बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। सबसे अधिक बुखार व निमोनिया के मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में रोज 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
बुधवार को मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रही। यहां पर उल्टी-दस्त, निमोनिया, डायरिया व बुखार के मरीज इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने सामान्य रोगियों को दवा लिखकर छुट्टी दे दी और गंभीर रोगियों को वार्ड में भर्ती कर लिया है। जनरल वार्ड में 11 नए मरीज भर्ती हुए। जिनमें उल्टी-दस्त व डायरिया के मरीज शामिल हैं। यहां पर कुल मरीजों की संख्या 37 है।
दूसरी तरफ पीआईसी में पांच नए मरीजों के भर्ती होने के साथ ही यहां मरीजों की संख्या 12 पहुंच गई है। यहां पर तेज बुखार, निमोनिया व डायरिया के गंभीर रोगियों का इलाज जारी है। वार्ड में एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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बुखार में इन बातों का रखें ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि ऐसे मौसम में बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में परिजनों को चाहिए कि बच्चे को ठंडी चीजें खाने न दें और बाहरी चीजों को खाने से परहेज करें। बुखार को नजरअंदाज न करें और बच्चे को चिकित्सक को दिखाकर ही दवा दें।
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बुधवार को मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या अधिक रही। यहां पर उल्टी-दस्त, निमोनिया, डायरिया व बुखार के मरीज इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने सामान्य रोगियों को दवा लिखकर छुट्टी दे दी और गंभीर रोगियों को वार्ड में भर्ती कर लिया है। जनरल वार्ड में 11 नए मरीज भर्ती हुए। जिनमें उल्टी-दस्त व डायरिया के मरीज शामिल हैं। यहां पर कुल मरीजों की संख्या 37 है।
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दूसरी तरफ पीआईसी में पांच नए मरीजों के भर्ती होने के साथ ही यहां मरीजों की संख्या 12 पहुंच गई है। यहां पर तेज बुखार, निमोनिया व डायरिया के गंभीर रोगियों का इलाज जारी है। वार्ड में एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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बुखार में इन बातों का रखें ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि ऐसे मौसम में बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में परिजनों को चाहिए कि बच्चे को ठंडी चीजें खाने न दें और बाहरी चीजों को खाने से परहेज करें। बुखार को नजरअंदाज न करें और बच्चे को चिकित्सक को दिखाकर ही दवा दें।