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इमरजेंसी ओपीडी में लगी भीड़, आठ बच्चे भर्ती
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बहराइच। रविवार को बाल रोग विभाग के ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। चिकित्सक ने ओपीडी में बच्चों की जांच कर दवा दी। इनमें आठ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से पोषण पुनर्वास केंद्र के सामने स्थित परिसर में भी पांच बेड का वार्ड स्थापित किया गया है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में इस समय मरीजों की काफी भीड़ पहुंच रही है। रविवार को अवकाश होने के बाद भी बाल रोग विभाग के ओपीडी में बच्चों की काफी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस दयाल दोपहर 12 बजे बच्चों की ओपीडी करते दिखे। स्टाफ नर्स द्वारा एक गंभीर बच्चे को बीगो लगाया जा रहा था।
डॉ. एस दयाल ने बताया कि 50 से अधिक बच्चों की ओपीडी की गई है। इनमें आठ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। जिनका इलाज स्वास्थ्य टीम की देखरेख में चल रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से आइसोलेशन वार्ड में 30 बेड का वार्ड बनाया गया था। इसके बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र के सामने स्थित बरामदे को भी पांच बेड का वार्ड बना दिया गया है। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि पांच बेड का वार्ड बनने से मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कोशिश है कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेड उपलब्ध कराया जाए।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में इस समय मरीजों की काफी भीड़ पहुंच रही है। रविवार को अवकाश होने के बाद भी बाल रोग विभाग के ओपीडी में बच्चों की काफी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस दयाल दोपहर 12 बजे बच्चों की ओपीडी करते दिखे। स्टाफ नर्स द्वारा एक गंभीर बच्चे को बीगो लगाया जा रहा था।
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डॉ. एस दयाल ने बताया कि 50 से अधिक बच्चों की ओपीडी की गई है। इनमें आठ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। जिनका इलाज स्वास्थ्य टीम की देखरेख में चल रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से आइसोलेशन वार्ड में 30 बेड का वार्ड बनाया गया था। इसके बावजूद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र के सामने स्थित बरामदे को भी पांच बेड का वार्ड बना दिया गया है। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि पांच बेड का वार्ड बनने से मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कोशिश है कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेड उपलब्ध कराया जाए।
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