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अवर अभियंता व ठेकेदार पर गबन केस
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उर्रा (बहराइच)। मनगौढ़िया गांव में बिना निर्माण कार्य के ही क्षेत्र पंचायत निधि से 6.55 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसकी शिकायत पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने सीडीओ से की। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी की अगुवाई में टीम गठित कर जांच कराई तो शिकायत सही मिली। इस पर मोतीपुर थाने में ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता और ठेकेदार के विरुद्ध धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन का मुकदमा बीडीओ ने दर्ज कराया है। सीडीओ ने धन की रिकवारी कराने के निर्देश दिए हैं।
मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनगौढ़िया के रुस्तमपुरवा गांव में खड़ंजा निर्माण के नाम पर 6.55 लाख रुपये निकाल लिया गया। खड़ंजा चतुर्थ राज्य वित्त योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में दिखाया गया है। जबकि गांव में खड़ंजा लगवाया ही नहीं गया है। इसकी जानकारी पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण कुमार मदेशिया को हुई तो उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की।
सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी मिहींपुरवा चंद्रशेखर प्रसाद और पशु चिकित्साधिकारी अमरनाथ कटियार की अगुवाई में जांच टीम गठित की। इसकी भनक लगते ही ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता ने निर्माण शुरू करा दिया। 17 नवंबर को जांच टीम ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी। रिपोर्ट में बिना निर्माण के ही बजट निकाले जाने की पुष्टि हुई। साथ ही कार्रवाई के डर से खड़ंजा लगवाने की बात सामने आई।
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इस खबर का प्रकाशन अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से किया। इस पर सीडीओ ने केस दर्ज करवाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि बीडीओ चंद्रशेखर की तहरीर पर ठेकेदार मेसर्स कृष्णमोहन गोयल और ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता विवेक वर्मा के विरुद्ध मोतीपुर थाने में धारा 420 व 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सीडीओ ने ब्लाक के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कराए जाने की बात कही। प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्द्धन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि वह मीटिंग में है। बाद में बात करेंगे।
सरकारी धन की होगी रिकवरी
मिहींपुरवा के मनगौढ़िया गांव में बिना निर्माण के ही 6.55 लाख रुपये निकाल लिया गया था। इसकी पुष्टि जांच टीम के द्वारा की गई है। बीडीओ ने मोतीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। अगले हफ्ते तक 6.55 लाख रुपये की रिकवरी संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी। विकास कार्य में घोटाला बर्दाश्त नहीं है। - अरविंद चौहान, मुख्य विकास अधिकारी
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मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनगौढ़िया के रुस्तमपुरवा गांव में खड़ंजा निर्माण के नाम पर 6.55 लाख रुपये निकाल लिया गया। खड़ंजा चतुर्थ राज्य वित्त योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में दिखाया गया है। जबकि गांव में खड़ंजा लगवाया ही नहीं गया है। इसकी जानकारी पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण कुमार मदेशिया को हुई तो उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की।
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सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी मिहींपुरवा चंद्रशेखर प्रसाद और पशु चिकित्साधिकारी अमरनाथ कटियार की अगुवाई में जांच टीम गठित की। इसकी भनक लगते ही ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता ने निर्माण शुरू करा दिया। 17 नवंबर को जांच टीम ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी। रिपोर्ट में बिना निर्माण के ही बजट निकाले जाने की पुष्टि हुई। साथ ही कार्रवाई के डर से खड़ंजा लगवाने की बात सामने आई।
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इस खबर का प्रकाशन अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से किया। इस पर सीडीओ ने केस दर्ज करवाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि बीडीओ चंद्रशेखर की तहरीर पर ठेकेदार मेसर्स कृष्णमोहन गोयल और ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता विवेक वर्मा के विरुद्ध मोतीपुर थाने में धारा 420 व 409 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सीडीओ ने ब्लाक के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कराए जाने की बात कही। प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्द्धन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि वह मीटिंग में है। बाद में बात करेंगे।
सरकारी धन की होगी रिकवरी
मिहींपुरवा के मनगौढ़िया गांव में बिना निर्माण के ही 6.55 लाख रुपये निकाल लिया गया था। इसकी पुष्टि जांच टीम के द्वारा की गई है। बीडीओ ने मोतीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। अगले हफ्ते तक 6.55 लाख रुपये की रिकवरी संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी। विकास कार्य में घोटाला बर्दाश्त नहीं है। - अरविंद चौहान, मुख्य विकास अधिकारी