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Bahraich News: निशानगाड़ा जंगल से आबादी में पहुंचे हाथी, फसलें रौंदी
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कतर्नियाघाट के धर्मापुर में घुसा हाथी।
बिछिया। निशानगाड़ा जंगल से निकला पांच हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच गया है। हाथियों का झुंड तीन हिस्सों में बंटकर सेठीफार्म, बनकटी और धर्मापुर-जलिहा गांव के निकट खेतों में घूम रहा है। बुधवार रात में खेतों में पहुंचे हाथियों ने धान और गन्ने की 28 बीघा फसल को नुकसान पहुंचाया है। झुंड के अलग-अलग हिस्सों में बंटने से वन विभाग को निगरानी में भी दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार हाथी रात करीब 11 बजे के बाद खेतों में पहुंच रहे हैं। सेठीफार्म और बनकटी में 15 बीघा धान और गन्ने की फसल रौंदे जाने की बात सामने आई है। वहीं धर्मापुर में भी हाथियों ने कई किसानों के खेतों में 13 बीघा धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धर्मापुर और जलिहा गांव निवासी रामू, जगदीश तीरथ आदि का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले हाथियों की आवाजाही कम थी, लेकिन अब लगातार खेतों में पहुंचने से फसल बचाना चुनौती बन गया है।
सुजौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बनकटी गांव में टीम लगातार गश्त कर रही है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। फसल नुकसान का आकलन कराने के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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ग्रामीणों के अनुसार हाथी रात करीब 11 बजे के बाद खेतों में पहुंच रहे हैं। सेठीफार्म और बनकटी में 15 बीघा धान और गन्ने की फसल रौंदे जाने की बात सामने आई है। वहीं धर्मापुर में भी हाथियों ने कई किसानों के खेतों में 13 बीघा धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धर्मापुर और जलिहा गांव निवासी रामू, जगदीश तीरथ आदि का कहना है कि इन क्षेत्रों में पहले हाथियों की आवाजाही कम थी, लेकिन अब लगातार खेतों में पहुंचने से फसल बचाना चुनौती बन गया है।
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सुजौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बनकटी गांव में टीम लगातार गश्त कर रही है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। फसल नुकसान का आकलन कराने के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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