{"_id":"584992204f1c1be67244a1ac","slug":"elephants-destroyed-crops","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथियों ने रौंदी 25 बीघा फसल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथियों ने रौंदी 25 बीघा फसल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कतर्नियाघाट क्षेत्र से सटे गांवों के निकट हाथियों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। बुधवार रात भी हाथियों के झुंड ने भरथापुर के निकट गन्ने के खेतों में उत्पात मचाया। करीब 25 बीघा फसल रौंद डाली। ग्रामीणों ने रात में ही रेंज कार्यालय सूचना दी लेकिन कोई वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत मेें हैं। उन्होंने हाका लगाते हुए रात जागकर गुजारी।
नेपाल के रॉयल वर्दिया नेशनल पार्क से आने वाले हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे भरथापुर गांव के निकट बुधवार रात फिर हाथियोें का झुंड पहुंच गया। हाथियोंकी चिंघाड़ सुन ग्रामीणों ने मशाल जलाकर हाका लगाना शुरू किया। पूरी रात गांव के लोग रह-रहकर हाका लगाते रहे।
इसके चलते हाथी गांव में तो दाखिल नहीं हुए लेकिन कामता, राजवंती, बड़कऊ समेत सात किसानों की गन्ने की फसल को रौंद दिया। ग्रामीणों के मुताबिक रात में ही पुन: हाथियोें के आने की सूचना रेंज कार्यालय को दी लेकिन वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
गौरतलब हो कि मंगलवार रात भी हाथियों ने भरथापुर गांव के दो मकानों को ढहाते हुए सरसों और गन्ने की फसल को तबाह किया था। अचानक नेपाली हाथियोें की सक्रियता से गांव के लोग अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर दहशतजदा है।
विज्ञापन
नेपाल के रॉयल वर्दिया नेशनल पार्क से आने वाले हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे भरथापुर गांव के निकट बुधवार रात फिर हाथियोें का झुंड पहुंच गया। हाथियोंकी चिंघाड़ सुन ग्रामीणों ने मशाल जलाकर हाका लगाना शुरू किया। पूरी रात गांव के लोग रह-रहकर हाका लगाते रहे।
विज्ञापन
इसके चलते हाथी गांव में तो दाखिल नहीं हुए लेकिन कामता, राजवंती, बड़कऊ समेत सात किसानों की गन्ने की फसल को रौंद दिया। ग्रामीणों के मुताबिक रात में ही पुन: हाथियोें के आने की सूचना रेंज कार्यालय को दी लेकिन वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
गौरतलब हो कि मंगलवार रात भी हाथियों ने भरथापुर गांव के दो मकानों को ढहाते हुए सरसों और गन्ने की फसल को तबाह किया था। अचानक नेपाली हाथियोें की सक्रियता से गांव के लोग अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर दहशतजदा है।