{"_id":"6a397ac0de8c3a77060f736d","slug":"elephants-demolish-house-and-trample-crops-in-retiya-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-151800-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: रेतिया में हाथियों ने ढहाया घर, रौंदी फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: रेतिया में हाथियों ने ढहाया घर, रौंदी फसल
विज्ञापन
कतर्नियाघाट के सुजौली रेंज में दिखा हाथियों का झुंड।
बिछिया। कतर्नियाघाट वन क्षेत्र से सटे सुजौली इलाके के रामपुर रेतिया गांव में रविवार देर रात जंगली हाथियों के झुंड ने पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। आठ से 10 की संख्या में हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर आबादी में घुस आया और एक ग्रामीण का फूस का कच्चा मकान क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं छह किसानों की मक्का व गन्ने की तैयार फसल रौंद डाली। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार आधी रात को हाथियों का झुंड गांव में पहुंचा। हाथियों ने प्यारे के कच्चे मकान को धक्का मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। परिवार के लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इसके बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी पास में मक्के और गन्ने के खेत में पहुंच गए। हाथियों ने सुरेश, साधु, नेबूलाल, काशीराम, रामपल व शंभू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर शोर मचाया तब हाथी किसी तरह दो घंटे बाद हाथी जंगल की ओर गए।
पीड़ित किसानों ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन एक रात में उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र मुआवजा दिलाने और हाथियों को आबादी में आने से रोकने के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी ने रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने किसानों से हाथियों का सामना न करने और दूरी बनाए रखने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार आधी रात को हाथियों का झुंड गांव में पहुंचा। हाथियों ने प्यारे के कच्चे मकान को धक्का मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। परिवार के लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इसके बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी पास में मक्के और गन्ने के खेत में पहुंच गए। हाथियों ने सुरेश, साधु, नेबूलाल, काशीराम, रामपल व शंभू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इसी दौरान ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर शोर मचाया तब हाथी किसी तरह दो घंटे बाद हाथी जंगल की ओर गए।
विज्ञापन
पीड़ित किसानों ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन एक रात में उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र मुआवजा दिलाने और हाथियों को आबादी में आने से रोकने के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी ने रोहित कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने किसानों से हाथियों का सामना न करने और दूरी बनाए रखने की अपील की है।
विज्ञापन