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विद्युत अभियंताओं व कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन

Tue, 05 Nov 2019 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 10:36 PM IST
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Electrical engineers and workers demonstrated
बहराइच के बिजली कार्यालय पर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन करते कर्मचारी व मौजूद अधीक्षण अभियंता। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। भविष्य निधि घोटाले की आशंका को लेकर मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई में विद्युत अभियंताओं व कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सामूहिक रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर भविष्य निधि को सुरक्षित रखने का लिखित आश्वासन देने की मांग की।
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भविष्य निधि में घोटाले की आशंका को लेकर मंगलवार को अभियंता व कर्मचारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संरक्षक व अधीक्षण अभियंता एएस रघुवंशी की अगुवाई में अस्पताल चौराहा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने बिजली कार्मिकों के 2267 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताते हुये नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिला संयोजक अध्यक्ष इंजीनियर हर्षराज रस्तोगी ने कहा कि कर्मचारियों की भविष्य निधि की धनराशि निगम प्रबंधन द्वारा असुरक्षित रूप से कुछ निजी कंपनियों में नियम विरुद्ध निवेश कर दी गई गई है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
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अधीक्षण अभियंता रघुवंशी ने निगम प्रबंधन द्वारा गलत ढंग से कर्मचारियों के करोड़ों की धनराशि निजी कंपनियों को सौंपने के मामले में निगम प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुये कहा कि अगर मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सभी सामूहिक रूप से आंदोलन को बाध्य होंगे। एक्सईएन नगर मुकेश बाबू, कैसरगंज नंदलाल, सहायक अभियंता एलवी यादव, अजय कुशवाहा और विजय कुमार ने भी निगम प्रबंधन की कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठाये।
बैठक में सभी ने निर्णय लिया कि अगर मामले में तत्काल कोई ठोस कार्रवाई करते हुये कर्मचारियों की धनराशि को सुरक्षित रखने का लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। उधर, बिजली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार गोस्वामी की अगुवाई में कर्मचारियों ने अभियंताओं के धरने में शामिल होते हुये सरकार पर गंभीर आरोप मढ़े।
संघ के अध्यक्ष गोस्वामी ने कहा कि जनपद में मौजूदा समय 575 संविदाकर्मी कार्य कर रहें हैं। लेकिन कर्मचारियों का ईपीएफ संबंधी रिकार्ड विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई बार पत्र सौंपकर अवगत भी कराया गया है। लेकिन कोई कार्रवाई नही की गई। मंडल अध्यक्ष नफीस अहमद ने कहा कि ईपीएफ का रिकॉर्ड उपलब्ध न कराना एक बड़े घोटाले को दर्शाता है।

धरने के बाद उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुये घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इस मौके पर कृष्ण कुमार यादव, जयनंदन मिश्रा, जयराज राजपूत, शंभू सिंह, जितेंद्र मौर्या आदि मौजूद रहे।
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