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आठ हजार हैंडपंप खराब, पेयजल की किल्लत
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:52 PM IST
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खराब पड़ा हैंडपंप
- फोटो : अमर उजाला
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सरकार ग्रामीण अंचलों के हैंडपंपों को लेकर संवेदनशील है, लेकिन जिले के हालात काफी खराब हैं। जिले के 14 विकासखंडों में 42800 हैंडपंप स्थापित हैं। लेकिन इनमें लगभग आठ हजार हैंडपंप पानी नहीं दे रहे। इनमें लगभग 3700 हैंडपंप रिबोर योग्य हैं। ग्रामीण अंचलों के लोग शिकायत करते हैं, लेकिन हैंडपंपों की बदहाली पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका नतीजा यह है कि इस बार गर्मी में लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
गर्मी में पेयजल की किल्लत से निजात दिलाने के लिए सरकार ने ग्रामीण अंचलों के हैंडपंपों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि सात दिन से अधिक हैंडपंप खराब नहीं रहने चाहिए। लेकिन जिले में हालात अलग ही नजर आ रहे हैं। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां खराब हैंडपंप न हो। स्थिति यह है कि जैसे-तैसे लोग पेयजल की समस्या से निपट रहे हैं।
महसी तहसील अंतर्गत भगवानपुर बाजार के बीचोबीच स्थापित हैंडपंप के सहारे क्षेत्र के 250 दुकानदार हैं। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोग भी इसी हैंडपंप से पानी पीते हैं। लेकिन इंडिया मार्का टू हैंडपंप दो माह पूर्व खराब हुआ था। लोगों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन अब तक हैंडपंप दुरुस्त नहीं हो सका है।
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यहां चिराग तले ही अंधेरा है। विकास खंड कार्यालय परिसर में स्थापित हैंडपंप सूखा पड़ा है। पानी नहीं दे रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दो-चार दिन पूर्व 15 मिनट चलाने पर मुश्किल से एक ग्लास भरता था। अब हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है।
बाबागंज सोरहिया के निकट बाबागंज-मल्हीपुर मार्ग पर हैंडपंप से आसपास के डेढ़ हजार लोगों को पानी मिलता था। लेकिन यह हैंडपंप छह माह से खराब है। ऐसे में गर्मी के महीने में राहगीरों को भी दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है।
बाबागंज के रामनगर मार्ग पर स्थित हैंडपंप तीन माह से खराब है। एक बूंद पानी नहीं निकल रहा है। पड़ोस में रहने वाले लालता प्रसाद और भगवानदीन ने कहा कि कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खंड विकास अधिकारियों से सूची मांगी गई है। खराब और रिबोर योग्य हैंडपंपों की सूची मिलने के बाद उन्हें दुरुस्त कराने की कार्रवाई होगी। जो हैंडपंप रिबोर कराने योग्य होंगे, उस मामले में जल निगम को पत्र लिखा जाएगा।
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गर्मी में पेयजल की किल्लत से निजात दिलाने के लिए सरकार ने ग्रामीण अंचलों के हैंडपंपों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि सात दिन से अधिक हैंडपंप खराब नहीं रहने चाहिए। लेकिन जिले में हालात अलग ही नजर आ रहे हैं। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां खराब हैंडपंप न हो। स्थिति यह है कि जैसे-तैसे लोग पेयजल की समस्या से निपट रहे हैं।
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महसी तहसील अंतर्गत भगवानपुर बाजार के बीचोबीच स्थापित हैंडपंप के सहारे क्षेत्र के 250 दुकानदार हैं। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोग भी इसी हैंडपंप से पानी पीते हैं। लेकिन इंडिया मार्का टू हैंडपंप दो माह पूर्व खराब हुआ था। लोगों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन अब तक हैंडपंप दुरुस्त नहीं हो सका है।
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यहां चिराग तले ही अंधेरा है। विकास खंड कार्यालय परिसर में स्थापित हैंडपंप सूखा पड़ा है। पानी नहीं दे रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दो-चार दिन पूर्व 15 मिनट चलाने पर मुश्किल से एक ग्लास भरता था। अब हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है।
बाबागंज सोरहिया के निकट बाबागंज-मल्हीपुर मार्ग पर हैंडपंप से आसपास के डेढ़ हजार लोगों को पानी मिलता था। लेकिन यह हैंडपंप छह माह से खराब है। ऐसे में गर्मी के महीने में राहगीरों को भी दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है।
बाबागंज के रामनगर मार्ग पर स्थित हैंडपंप तीन माह से खराब है। एक बूंद पानी नहीं निकल रहा है। पड़ोस में रहने वाले लालता प्रसाद और भगवानदीन ने कहा कि कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खंड विकास अधिकारियों से सूची मांगी गई है। खराब और रिबोर योग्य हैंडपंपों की सूची मिलने के बाद उन्हें दुरुस्त कराने की कार्रवाई होगी। जो हैंडपंप रिबोर कराने योग्य होंगे, उस मामले में जल निगम को पत्र लिखा जाएगा।