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घरों व मंदिरों में आज से गूजेंगे देवी मां के जयकारे, सजे देवी मंदिर

Mon, 12 Apr 2021 09:25 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Apr 2021 09:25 PM IST
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durga pooja
12 बीएचआर 05 - बहराइच में सोमवार को नवरात्र के लिए सजा संहारिणी मंदिर। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। हिंदू नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही मंगलवार को चैत्र नवरात्र शुरू हो रहा है। आज से घरों व मंदिरों में देवी मां के जयकारे गूंजेंगे। भोर होते ही मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा विधि-विधान से शुरू होगी। श्रद्धालु घर में कलश की स्थापना कर पूजन-अर्चन शुरू करेंगे। बाजार में पूजन सामग्री की खरीदारी भी तेज हो गई है। फलों की दुकानें भी सज गई हैं। फल के रेट नवरात्र शुरू होने के कारण आसमान छू रहे हैं।
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नवरात्र का शुभारंभ मंगलवार से हो रहा है। इसके लिए सभी देवी मंदिरों में साफ-सफाई व तैयारी पूरी कर ली गई है। नवरात्र के मौके पर मंदिरों को झालर से सजाया गया है। शहर के संघारिणी मंदिर, मरीमाता मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर समेत ग्रामीण अंचलों के सभी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की आराधना प्रथम दिन की जाएगी। मां शैलपुत्री का यह स्वरूप भक्तों को पर्वत के सामान हर परिस्थितियों से निपटने की शक्ति प्रदान करता है। नवरात्र में पूजा पाठ के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। फलों की दुकानों पर भी लोग खरीददारी करते नजर आ रहे हैं। चारों ओर माहौल भक्तिमय हो गया है।
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शहर के छावनी बाजार निवासी पंडित राधा कृष्ण पाठक ने बताया कि मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र में श्रद्धालु कलश की स्थापना करते हैं। मंगलवार को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5:40 बजे से 8:46 बजे तक है। इस बीच श्रद्धालु कलश स्थापना कर पूजन-अर्चन शुरू कर सकते हैं।
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लकड़ी के एक आसन पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान गणेश का स्मरण करते हुए कलश अलंकृत करें। चावल से भरे पात्र को कलश के मुख पर रखें। अब मिट्टी की वेदी बनाएं, जिसमें अनाज या जौ को कलश में रखें। एक नारियल पर लाल कपड़ा लपेटकर मौलि बांधें और इस नारियल को कलश पर स्थापित कर दें। दीप जलाएं और दाहिने हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर देवी-देवताओं का ध्यान और आवाह्न करें। उन्हें कलश के पास छोड़ दें। पंडित विनय मिश्र का कहना है कि इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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