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धूप के इंतजार में ठिठुरते हुए बीता लोगों का दिन
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 04 Jan 2016 10:08 PM IST
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बहराइच। तराई का तापमान सोमवार को अचानक लुढ़क गया। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। सूरज के दर्शन नहीं हुए और पूरे दिन धुंध छाई रही।
दोपहर बाद चली पछुवा हवा से लोग कांपने को मजबूर रहे। अचानक बदले मौसम से स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्नों को जहां दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, मजदूरी पेशा वर्ग के लोग भी कांपने को मजबूर रहे।
तराई में रविवार तक चटख धूप से लोगों को बहुत राहत थी। पारा भी आठ डिग्री सेल्सियस पर टिका था। लोगों को दिन में गर्मी और रात में सिहरन का अहसास हो रहा था।
लेकिन, सोमवार सुबह लोग जब उठे तो बदली छाई हुई थी। धुंध भी थी। लोग तेज धूप का इंतजार कर रहे थे लेकिन पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। दोपहर बाद 4 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं से ठिठुरन और भी बढ़ गई। इसके चलते लोग सिहरने को मजबूर रहे।
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घर से निकलने वाले मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को तो दिक्कत हुई ही स्कूल से आने वाले नन्हे-मुन्ने छात्र भी सिहरते हुए घरों को पहुंचे। दोपहर बाद ठंडक बढ़ने से कोई कंबल तो कोई चादर और शाल में लिपटकर घर से निकला।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि उत्तराखंड और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते उधर से आने वाली पछुवा हवाएं तराई के मौसम को नम कर रही हैं।
इसके चलते तापमान में अचानक बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह मौसम गड़बड़ रहने के संकेत मिल रहे हैं। अब पाला भी गिरने की संभावना है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है।
चहकते हुए गए स्कूल, लौटते वक्त सर्द हवा से सिहरे
दिसंबर के अंतिम सप्ताह से स्कूलों में ठंडक की विंटर वैकेशन चल रहा था। सोमवार को स्कूल खुले तो तराई का मौसम अचानक बदल गया। ऐसे में सुबह तो नन्हे-मुन्ने दोस्तों के साथ हंसते-खेलते स्कूल गए लेकिन दोपहर में छुट्टी होने पर ठंडी हवा चल रही थी। बच्चे टैेंपो में दुबके सिहरते हुए घर लौटे।
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दोपहर बाद चली पछुवा हवा से लोग कांपने को मजबूर रहे। अचानक बदले मौसम से स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्नों को जहां दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, मजदूरी पेशा वर्ग के लोग भी कांपने को मजबूर रहे।
तराई में रविवार तक चटख धूप से लोगों को बहुत राहत थी। पारा भी आठ डिग्री सेल्सियस पर टिका था। लोगों को दिन में गर्मी और रात में सिहरन का अहसास हो रहा था।
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लेकिन, सोमवार सुबह लोग जब उठे तो बदली छाई हुई थी। धुंध भी थी। लोग तेज धूप का इंतजार कर रहे थे लेकिन पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। दोपहर बाद 4 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं से ठिठुरन और भी बढ़ गई। इसके चलते लोग सिहरने को मजबूर रहे।
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घर से निकलने वाले मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को तो दिक्कत हुई ही स्कूल से आने वाले नन्हे-मुन्ने छात्र भी सिहरते हुए घरों को पहुंचे। दोपहर बाद ठंडक बढ़ने से कोई कंबल तो कोई चादर और शाल में लिपटकर घर से निकला।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि उत्तराखंड और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते उधर से आने वाली पछुवा हवाएं तराई के मौसम को नम कर रही हैं।
इसके चलते तापमान में अचानक बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह मौसम गड़बड़ रहने के संकेत मिल रहे हैं। अब पाला भी गिरने की संभावना है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है।
चहकते हुए गए स्कूल, लौटते वक्त सर्द हवा से सिहरे
दिसंबर के अंतिम सप्ताह से स्कूलों में ठंडक की विंटर वैकेशन चल रहा था। सोमवार को स्कूल खुले तो तराई का मौसम अचानक बदल गया। ऐसे में सुबह तो नन्हे-मुन्ने दोस्तों के साथ हंसते-खेलते स्कूल गए लेकिन दोपहर में छुट्टी होने पर ठंडी हवा चल रही थी। बच्चे टैेंपो में दुबके सिहरते हुए घर लौटे।