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Bahraich News: रिहाई के आदेश में देरी, 24 घंटे से पिंजरे में कैद तेंदुआ
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वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरें के कैद तेंदुआ।
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मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज में एक नर तेंदुआ रिहाई के आदेश के इंतजार में 24 घंटे से पिंजरे में कैद है। 19 अगस्त की रात करीब 11:50 बजे पकड़े गए इस तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण हो चुका है, लेकिन कब और कहां छोड़ा जाएगा, इस पर फैसला नहीं हो सका है। यह तेंदुआ करीब नौ वर्ष उम्र का है और इसका वजन लगभग 50 किलोग्राम है। अधिक उम्र के कारण इसे कतर्नियाघाट के जंगल में छोड़ने पर संशय बना हुआ है।
वन विभाग के अनुसार, तेंदुआ स्वस्थ है। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा। वहां प्रशिक्षित वनकर्मी उसकी समुचित देखरेख कर सकेंगे। पिंजरे में लंबे समय तक रहने से तेंदुए में तनाव और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वन्यजीव प्रबंधन में अनावश्यक कैद से बचने पर जोर दिया जाता है।
अधिक उम्र वाले तेंदुए को किसी दूसरे जंगल में छोड़ने से पहले उसके स्वास्थ्य और व्यवहार का आकलन जरूरी है। नए क्षेत्र की परिस्थितियों का भी मूल्यांकन आवश्यक है। दूसरे क्षेत्र में छोड़े जाने पर मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बनी रह सकती है। इसलिए विभाग सामान्य तरीके से जंगल में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर भेजने के विकल्प पर विचार कर रहा है। वन विभाग अब उच्चाधिकारियों के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।
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वन विभाग के अनुसार, तेंदुआ स्वस्थ है। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा। वहां प्रशिक्षित वनकर्मी उसकी समुचित देखरेख कर सकेंगे। पिंजरे में लंबे समय तक रहने से तेंदुए में तनाव और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वन्यजीव प्रबंधन में अनावश्यक कैद से बचने पर जोर दिया जाता है।
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अधिक उम्र वाले तेंदुए को किसी दूसरे जंगल में छोड़ने से पहले उसके स्वास्थ्य और व्यवहार का आकलन जरूरी है। नए क्षेत्र की परिस्थितियों का भी मूल्यांकन आवश्यक है। दूसरे क्षेत्र में छोड़े जाने पर मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बनी रह सकती है। इसलिए विभाग सामान्य तरीके से जंगल में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर भेजने के विकल्प पर विचार कर रहा है। वन विभाग अब उच्चाधिकारियों के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।
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