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घाघरा में कटा स्कूल भवन व 140 बीघा खेत

Mon, 03 Jul 2017 10:36 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Mon, 03 Jul 2017 10:36 PM IST
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Cutting school building and 140 bigha fields in Ghaghra
नदी में समा रहा स्कूल भवन - फोटो : अमर उजाला
घाघरा नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी की लहरों में खेती योग्य जमीन भी समाहित हो रही है। महसी और कैसरगंज क्षेत्र में रात से अब तक 140 बीघा खेत नदी में कटकर समा गया है। कायमपुर प्राथमिक स्कूल का आधा भवन नदी की लहरों ने काट दिया है। पूजित धर्मस्थल भी नदी में समाहित हो गया है। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नौ गांवों के नदी के मुहाने पर होने से ग्रामीणों में दहशत है। अब तक कटान रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
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घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। एल्गिन ब्रिज पर सोमवार को नदी का जलस्तर 104.246 मीटर मापा गया। केंद्रीय जल आयोग संस्थान के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है। इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र में नदी उफान की स्थिति में पहुंच गई है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते जलस्तर मेेें तेजी से इजाफा हो रहा है।
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इसके चलते कटान तेज हो गई है। इस समय नदी कायमपुर प्राथमिक स्कूल के भवन को काट रही है। आधा से अधिक भवन नदी में समाहित हो चुका है। इसके अलावा स्कूल से 200 मीटर की दूरी पर स्थित गांवट माता का पूजित धर्मस्थल भी कटान की भेंट चढ़ गया है। वहीं कायमपुर, चुरईपुरवा, मंगलपुरवा के 28 किसानों की 90 बीघा खेत भी नदी की लहरों की भेंट चढ़ चुका है।
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टान तेज होने की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है, लेकिन अब तक कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। जिसके चलते नदी निरंतर गांव की ओर बढ़ रही है। उधर, कैसरगंज तहसील के विकास खंड जरवल अंतर्गत दिकोलिया गांव के निकट नदी की लहरों ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। गांव निवासी सरयू प्रसाद, रामदुलारे, बुधराम, खुशीराम, कन्हैयालाल, जोगेंद्र प्रसाद, आदि की लगभग 50 बीघे खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई, लेकिन अब तक यहां भी कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
 
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