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Bahraich News: बारिश से फसलों पर वज्रपात, आंधी में उड़ी बिजली
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बारिश से गिरी फसल व गिरा पेड़।
बहराइच। तराई में बुधवार को अचानक मौसम बदल गया। दोपहर करीब 1:30 से 3:30 बजे तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में बची धान की फसल भी गिर गई। वहीं पेड़ और डालियां बिजली लाइनों पर गिरने से जिले के करीब 875 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
गोंडा रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के सामने पानी की टंकी के पास, तिकोनी बाग, बक्शीपुरा, नई बस्ती, सलारगंज, घसियारीपुरा और दरगाह समेत कई इलाकों में पानी भर गया। मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में भी जलभराव होने से मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में दिक्कत हुई।
कतर्नियाघाट क्षेत्र में तेज हवा के बीच तीन स्थानों पर पेड़ गिर गए। सुजौली मार्ग पर कारीकोट धर्मकांटा के सामने विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से सुजौली, चफरिया समेत आसपास के गांवों का मुख्य मार्ग बाधित हो गया। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को वैकल्पिक रास्ते से जाना पड़ा। मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर भी दो स्थानों पर पेड़ गिरे। हालांकि पेड़ छोटे होने के कारण वन कर्मियों ने उन्हें हटाकर कुछ देर में आवागमन बहाल कर दिया।
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बारिश और तेज हवा से किसानों की मुश्किल भी बढ़ गई। पयागपुर के किसान रामदीन वर्मा ने बताया कि अब तक बची धान की फसल भी तेज हवा में खेत में गिर गई। फखरपुर के तेजू प्रसाद ने कहा कि फसल दोबारा गिरने से उसे संभालना मुश्किल हो रहा है। कैसरगंज के देवता दीन के अनुसार धान को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और इस बार लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। महसी के सीताराम ने बताया कि फसल गिरने से किसान परेशान हैं और नुकसान की भरपाई की चिंता सताने लगी है।
875 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज हवा के कारण नानपारा, फखरपुर, रिसिया, पयागपुर और मिहींपुरवा क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ों की डालियां गिर गईं। इससे करीब 875 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। अधीक्षण अभियंता एनसी प्रसाद ने बताया कि तेज हवा के चलते एहतियातन कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति रोकी गई थी। मौसम सामान्य होने के बाद आपूर्ति बहाल की जाएगी।
इनसेट : कतर्नियाघाट में 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन
बिछिया। कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब नौ बजे से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। आंबा, बरदिया, सुजौली, चफरिया, बरखड़िया, कैलाशपुरी और बिछिया समेत आसपास के गांवों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। खेतों में खड़ी धान की फसल फिर गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के कारण कैलाशपुरी पावर हाउस की 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इससे सुजौली क्षेत्र के गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
बदले मौसम में किसान बरतें सावधानी
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि तेज हवा और बारिश के बाद खेत में गिरी धान की फसल को लंबे समय तक पानी में नहीं रहने देना चाहिए। जहां संभव हो, खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। मौसम अनुकूल होने पर गिरी फसल को सावधानी से बांधकर खड़ा करने का प्रयास करें। खेत में अनावश्यक पानी न रुकने दें। फसल में रोग या सड़न के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
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गोंडा रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के सामने पानी की टंकी के पास, तिकोनी बाग, बक्शीपुरा, नई बस्ती, सलारगंज, घसियारीपुरा और दरगाह समेत कई इलाकों में पानी भर गया। मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में भी जलभराव होने से मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में दिक्कत हुई।
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कतर्नियाघाट क्षेत्र में तेज हवा के बीच तीन स्थानों पर पेड़ गिर गए। सुजौली मार्ग पर कारीकोट धर्मकांटा के सामने विशाल पेड़ सड़क पर गिरने से सुजौली, चफरिया समेत आसपास के गांवों का मुख्य मार्ग बाधित हो गया। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को वैकल्पिक रास्ते से जाना पड़ा। मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग पर भी दो स्थानों पर पेड़ गिरे। हालांकि पेड़ छोटे होने के कारण वन कर्मियों ने उन्हें हटाकर कुछ देर में आवागमन बहाल कर दिया।
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बारिश और तेज हवा से किसानों की मुश्किल भी बढ़ गई। पयागपुर के किसान रामदीन वर्मा ने बताया कि अब तक बची धान की फसल भी तेज हवा में खेत में गिर गई। फखरपुर के तेजू प्रसाद ने कहा कि फसल दोबारा गिरने से उसे संभालना मुश्किल हो रहा है। कैसरगंज के देवता दीन के अनुसार धान को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और इस बार लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। महसी के सीताराम ने बताया कि फसल गिरने से किसान परेशान हैं और नुकसान की भरपाई की चिंता सताने लगी है।
875 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज हवा के कारण नानपारा, फखरपुर, रिसिया, पयागपुर और मिहींपुरवा क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ों की डालियां गिर गईं। इससे करीब 875 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। अधीक्षण अभियंता एनसी प्रसाद ने बताया कि तेज हवा के चलते एहतियातन कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति रोकी गई थी। मौसम सामान्य होने के बाद आपूर्ति बहाल की जाएगी।
इनसेट : कतर्नियाघाट में 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन
बिछिया। कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब नौ बजे से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। आंबा, बरदिया, सुजौली, चफरिया, बरखड़िया, कैलाशपुरी और बिछिया समेत आसपास के गांवों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। खेतों में खड़ी धान की फसल फिर गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के कारण कैलाशपुरी पावर हाउस की 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इससे सुजौली क्षेत्र के गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
बदले मौसम में किसान बरतें सावधानी
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि तेज हवा और बारिश के बाद खेत में गिरी धान की फसल को लंबे समय तक पानी में नहीं रहने देना चाहिए। जहां संभव हो, खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। मौसम अनुकूल होने पर गिरी फसल को सावधानी से बांधकर खड़ा करने का प्रयास करें। खेत में अनावश्यक पानी न रुकने दें। फसल में रोग या सड़न के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।

बारिश से गिरी फसल व गिरा पेड़।