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100 एकड़ फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 30 Jul 2015 10:13 PM IST
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हरदी (बहराइच)। सरयू नहर खंड एक की इमामगंज शाखा नहर खम्हरिया हरदो पट्टी बुधवार देर शाम टेपरा गांव के पास कट गई। रात में जब गांव में पानी भरने पर गांव वालों को इसकी भनक लगी।
ग्राम प्रधान ने विभाग को सूचना दी लेकिन जेई गुरुवार शाम मौके पर पहुंचे। लेकिन, बचाव कार्य नहीं शुरू किया गया, जिसके चलते क्षेत्र की सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पानी में डूबी धान और गन्ने की फसल के सड़ने की संभावना बढ़ गई है।
मालूम हो कि सरयू नहर खंड एक की इमामगंज शाखा महसी तहसील अंतर्गत खम्हरिया हरदो पट्टी के टेपरा गांव से होकर गुजरती है। नहर में बुधवार को काफी पानी चल रहा था।
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पटरी कमजोर होने के कारण टेपरा गांव के पास नहर कट गई। रात में जब खेत जलमग्न होने लगे, तब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई।
इस पर ग्राम प्रधान विनय पांडेय व अन्य ग्रामीणों ने तत्काल सरयू नहर खंड के कार्यालय को फोन कर घटना की जानकारी दी लेकिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी रात नहर का पानी खेतों में निकलता रहा। सुबह लगभग 100 एकड़ धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
सभी ने बहोरिकापुर बैराज पर पहुंचकर चौकीदार से शिकायत दर्ज कराई। चौकीदार ने जब कार्यालय पर सूचना दी तो गुरुवार शाम पांच बजे के आसपास सहायक अभियंता सरोज कुमार चार कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन बचाव कार्य नहीं शुरू किया गया।
नहर कटने के चलते खम्हरिया, हरदो पट्टी और टेपरा निवासी छल्लू, तीरथ, बाबूराम, लल्लू, अमृतलाल, माधवराम, कल्लूप्रसाद, राजितराम, राजेंद्र, दिनकर, बड़कऊ समेत 40 से अधिक ग्रामीण की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।
जेई ने इतना जरूर कहा है कि नहर में पानी का बहाव रोकवाया जा रहा है। सुबह तक कटी नहर को दुरुस्त करवाया जाएगा लेकिन ग्रामीणों को मुआवजा देने के मामले में वह चुप्पी साध गए।
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ग्राम प्रधान ने विभाग को सूचना दी लेकिन जेई गुरुवार शाम मौके पर पहुंचे। लेकिन, बचाव कार्य नहीं शुरू किया गया, जिसके चलते क्षेत्र की सौ एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। पानी में डूबी धान और गन्ने की फसल के सड़ने की संभावना बढ़ गई है।
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मालूम हो कि सरयू नहर खंड एक की इमामगंज शाखा महसी तहसील अंतर्गत खम्हरिया हरदो पट्टी के टेपरा गांव से होकर गुजरती है। नहर में बुधवार को काफी पानी चल रहा था।
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पटरी कमजोर होने के कारण टेपरा गांव के पास नहर कट गई। रात में जब खेत जलमग्न होने लगे, तब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई।
इस पर ग्राम प्रधान विनय पांडेय व अन्य ग्रामीणों ने तत्काल सरयू नहर खंड के कार्यालय को फोन कर घटना की जानकारी दी लेकिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इसका नतीजा यह हुआ कि पूरी रात नहर का पानी खेतों में निकलता रहा। सुबह लगभग 100 एकड़ धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
सभी ने बहोरिकापुर बैराज पर पहुंचकर चौकीदार से शिकायत दर्ज कराई। चौकीदार ने जब कार्यालय पर सूचना दी तो गुरुवार शाम पांच बजे के आसपास सहायक अभियंता सरोज कुमार चार कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन बचाव कार्य नहीं शुरू किया गया।
नहर कटने के चलते खम्हरिया, हरदो पट्टी और टेपरा निवासी छल्लू, तीरथ, बाबूराम, लल्लू, अमृतलाल, माधवराम, कल्लूप्रसाद, राजितराम, राजेंद्र, दिनकर, बड़कऊ समेत 40 से अधिक ग्रामीण की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।
जेई ने इतना जरूर कहा है कि नहर में पानी का बहाव रोकवाया जा रहा है। सुबह तक कटी नहर को दुरुस्त करवाया जाएगा लेकिन ग्रामीणों को मुआवजा देने के मामले में वह चुप्पी साध गए।