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आग में जिंदा जला युवक, अंबरपुर खंडहर में तब्दील
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2016 09:50 PM IST
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महसी तहसील के अंबरपुरवा गांव में शुक्रवार दोपहर में आग लगने से खंडहर में तब्दील गांव।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महसी (बहराइच)। अंबरपुर गांव शनिवार दोपहर अचानक धधक उठा। ग्रामीणों की मदद करने में पड़ोस गांव बैकुंठा का एक युवक लपटों से घिरकर जिंदा जल गया।
अंबरपुर के 42 मकानों में से 39 मकान राख हो गए हैं। 280 लोग बेघर हुए हैं। 60 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। बौंडी पुलिस मौके पर पहुंची है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊंचगांव के मजरा अंबरपुर में दोपहर एक बजे के आसपास गांव निवासी बसंत कुमार के घर में अचानक आग लग गई। परिवार के लोग ने शोर मचाया तो गांव के लोग दौड़े।
लेकिन तब तक पछुआ हवा के कारण लपटें तेजी से फैलीं। देखते ही देखते आग ने गांव के 39 मकानों को आगोश में ले लिया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। पूरा गांव धधक उठा।
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गांव को जलता देख आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित बैकुंठा गांव के लोग भी मदद को दौड़े। बैकुंठा निवासी सोनू (19) पुत्र सालिकराम मैना की संपत्ति निकालने लगा। इसी दौरान वह लपटों में घिर गया।
जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई। बाहर खड़े लोगों ने सोनू की चीख सुनी, लेकिन सभी बेबस नजर आए। सूचना अग्निशमन केंद्र को दी गई लेकिन दमकल एक घंटे बाद पहुंचा। तब तक पूरा गांव धधक चुका था।
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अंबरपुर के 42 मकानों में से 39 मकान राख हो गए हैं। 280 लोग बेघर हुए हैं। 60 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। बौंडी पुलिस मौके पर पहुंची है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊंचगांव के मजरा अंबरपुर में दोपहर एक बजे के आसपास गांव निवासी बसंत कुमार के घर में अचानक आग लग गई। परिवार के लोग ने शोर मचाया तो गांव के लोग दौड़े।
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लेकिन तब तक पछुआ हवा के कारण लपटें तेजी से फैलीं। देखते ही देखते आग ने गांव के 39 मकानों को आगोश में ले लिया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। पूरा गांव धधक उठा।
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गांव को जलता देख आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित बैकुंठा गांव के लोग भी मदद को दौड़े। बैकुंठा निवासी सोनू (19) पुत्र सालिकराम मैना की संपत्ति निकालने लगा। इसी दौरान वह लपटों में घिर गया।
जिंदा जलकर उसकी मौत हो गई। बाहर खड़े लोगों ने सोनू की चीख सुनी, लेकिन सभी बेबस नजर आए। सूचना अग्निशमन केंद्र को दी गई लेकिन दमकल एक घंटे बाद पहुंचा। तब तक पूरा गांव धधक चुका था।