{"_id":"6320559ad0db2d7d8305646d8ca9e472","slug":"villagers-deceived-in-the-name-of-housing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवास के नाम पर ठगे गए ग्रामीण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आवास के नाम पर ठगे गए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 24 Jun 2015 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंदिरा आवास के लाभार्थी निरंतर ठगी का शिकार हो रहे हैं। नवाबगंज के विशंभरपुर के इंदिरा आवास के नौ लाभार्थियों का पैसा ईंट दिलाने के नाम पर ग्राम प्रधान ने हड़प लिया।
विज्ञापन
वहीं महसी के मुरौवा गांव के दो ग्रामीणों को सरिया सीमेंट दिलाने के नाम पर ग्राम प्रधान ने आवास का पैसा ले लिया। जिससे पात्रों के आवास का निर्माण कार्य प्रभावित है। सभी अधिकारियों की चौखट पर माथा रगड़ रहे हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
विकास खंड नवाबगंज के विशंभपुर जलालपुर गांव निवासी मुन्नालाल, राम कुमार, शंकर शरण, सावित्री, रामदेई, रामसूरत, राम सेवक, सांवली, सांवली का कहना है कि वर्ष 2012 में इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया गया। इन सभी का कहना है कि ग्राम प्रधान के पास ईंट भट्ठा है।
विज्ञापन
ऐसे में प्रधान ने ईंट दिलाने के नाम पर योजना का रुपया जमा करा लिया। लेकिन अभी तक न तो ईंट मिले हैं न ही रुपया वापस किया गया है।
पीड़ितों ने कई बार तहसील दिवस में पत्र दिया लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। अब प्रधान सभी को जान-माल की धमकी दे रहा है। आवास मिलने के बाद भी परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
वहीं विकास खंड महसी अंतर्गत मुरौवा गांव निवासी रामलखन को वर्ष 2011 में इंदिरा आवास मिला था। ग्रामीण का कहना है कि एक किश्त मिलने पर उसने दीवार उठा ली थी।
लेकिन दूसरी किस्त आने पर ग्राम प्रधान ने उसके साथ बैंक जाकर पैसा निकलवा लिया और सरिया, सीमेंट आदि दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद से वह लगातार चक्कर काट रहा है।
दूसरी तरफ गांव के ही रहने वाले मौजीलाल के भी इंदिरा आवास का पैसा ग्राम प्रधान ने बैंक जाकर निकलवाने के बाद हड़प लिया।
अब दोनों ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में एडीओ पंचायत रामप्यारे सरोज का कहना है कि बीडीओ अवकाश पर हैं। उनके वापस लौटने पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।