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सहायक अभियंता पर ग्रामीणों का हमला, कपड़े फाड़े
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2016 09:26 PM IST
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मिहींपुरवा (बहराइच)। नेपाल से आने वाले पानी से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे 11 किलोमीटर लंबे एफ्लेक्स बांध का निर्माण क्षेत्र के ग्रामीणों को रास नहीं आ रहा है।
रविवार देर रात बड़ी संख्या में कार्यस्थल जा पहुंचे ग्रामीणों ने झड़प के दौरान सहायक अभियंता पर हमला कर दिया। उसके कपड़े तक फाड़ डाले। यह आरोप लगाते हुए सहायक अभियंता ने 22 नामजद समेत 60 के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मिहींपुरवा क्षेत्र में गोपिया बैराज के निकट सिंचाई विभाग द्वारा चौधरी चरण सिंह गोपिया बैराज से मझगंवा गांव तक 11 किलोमीटर एफ्लेक्स बांध का निर्माण कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके निर्माण से गोपिया बैराज को नेपाली पानी के तेज बहाव से सुरक्षित किया जा सकेगा।
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि एफ्लेक्स बांध बन जाने से इस पार के 68 गांव पानी से डूब जाएंगे। इसी बात को लेकर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के लोग रविवार देर रात गोपिया बैराज के निकट कार्यस्थल पर पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी व प्रदर्शन कर काम रोकवा दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सहायक अभियंता पीके श्रीवास्तव तथा सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से ग्रामीणों की झड़प हो गई। सहायक अभियंता का आरोप है कि बातचीत के दौरान ही ग्रामीण और उनके साथ मौजूद सांसद बहराइच सावित्रीबाई फुले के समर्थकों ने उन पर हमला कर मारापीटा। कपड़े फाड़े दिए और अभद्रता की।
इसके चलते काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। पुलिस के पहुंचने पर स्थिति नियंत्रण में आ सकी। सहायक अभियंता का कहना है कि बैराज को सुरक्षित करने के लिए तटबंध का निर्माण हो रहा है लेकिन क्षेत्रीय सांसद ग्रामीणों को उकसा कर कार्य को रोकवाना चाहती हैं। उसी के चलते उन पर हमला किया गया है।
सहायक अभियंता ने इस मामले में मोतीपुर में हरिश्याम, अयूब, राम, सुनील कुमार, लोदाई, ओम प्रकाश, नांहू, भगवान, डॉ. विजय कुमार, कुलदीप, जगतजीत सिंह, मेवालाल समेत 22 लोगों को नामजद करते हुए 60 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा के मुताबिक सहायक अभियंता की तहरीर पर धारा 147, 148, 149, 186, 323, 333, 307, 504, 506 व 7 सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मनमानी कर रही प्रदेश सरकार, काम रोकने की हो चुकी है संस्तुति
सहायक अभियंता के आरोप के मामले में सांसद सावित्रीबाई फुले का कहना है कि तटबंध के निर्माण से 68 गांव बाढ़ की जद में आ जाएंगे। इस मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती व प्रधानमंत्री से बात की गई थी।
केंद्र सरकार ने तटबंध निर्माण रोकने की संस्तुति कर दी लेकिन प्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारी जान बूझकर काम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों पर जो कार्रवाई की गई वह गलत है। अगर गिरफ्तारी हुई तो जेल भरो आंदोलन करुंगी।
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रविवार देर रात बड़ी संख्या में कार्यस्थल जा पहुंचे ग्रामीणों ने झड़प के दौरान सहायक अभियंता पर हमला कर दिया। उसके कपड़े तक फाड़ डाले। यह आरोप लगाते हुए सहायक अभियंता ने 22 नामजद समेत 60 के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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मिहींपुरवा क्षेत्र में गोपिया बैराज के निकट सिंचाई विभाग द्वारा चौधरी चरण सिंह गोपिया बैराज से मझगंवा गांव तक 11 किलोमीटर एफ्लेक्स बांध का निर्माण कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके निर्माण से गोपिया बैराज को नेपाली पानी के तेज बहाव से सुरक्षित किया जा सकेगा।
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि एफ्लेक्स बांध बन जाने से इस पार के 68 गांव पानी से डूब जाएंगे। इसी बात को लेकर क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के लोग रविवार देर रात गोपिया बैराज के निकट कार्यस्थल पर पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी व प्रदर्शन कर काम रोकवा दिया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सहायक अभियंता पीके श्रीवास्तव तथा सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से ग्रामीणों की झड़प हो गई। सहायक अभियंता का आरोप है कि बातचीत के दौरान ही ग्रामीण और उनके साथ मौजूद सांसद बहराइच सावित्रीबाई फुले के समर्थकों ने उन पर हमला कर मारापीटा। कपड़े फाड़े दिए और अभद्रता की।
इसके चलते काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। पुलिस के पहुंचने पर स्थिति नियंत्रण में आ सकी। सहायक अभियंता का कहना है कि बैराज को सुरक्षित करने के लिए तटबंध का निर्माण हो रहा है लेकिन क्षेत्रीय सांसद ग्रामीणों को उकसा कर कार्य को रोकवाना चाहती हैं। उसी के चलते उन पर हमला किया गया है।
सहायक अभियंता ने इस मामले में मोतीपुर में हरिश्याम, अयूब, राम, सुनील कुमार, लोदाई, ओम प्रकाश, नांहू, भगवान, डॉ. विजय कुमार, कुलदीप, जगतजीत सिंह, मेवालाल समेत 22 लोगों को नामजद करते हुए 60 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा के मुताबिक सहायक अभियंता की तहरीर पर धारा 147, 148, 149, 186, 323, 333, 307, 504, 506 व 7 सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मनमानी कर रही प्रदेश सरकार, काम रोकने की हो चुकी है संस्तुति
सहायक अभियंता के आरोप के मामले में सांसद सावित्रीबाई फुले का कहना है कि तटबंध के निर्माण से 68 गांव बाढ़ की जद में आ जाएंगे। इस मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती व प्रधानमंत्री से बात की गई थी।
केंद्र सरकार ने तटबंध निर्माण रोकने की संस्तुति कर दी लेकिन प्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारी जान बूझकर काम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों पर जो कार्रवाई की गई वह गलत है। अगर गिरफ्तारी हुई तो जेल भरो आंदोलन करुंगी।