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जमीन के विवाद में ग्रामीण की हत्या
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 18 Apr 2017 10:30 PM IST
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पीएम हाउस पर जुटे परिवारीजन
- फोटो : अमर उजाला
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रामगांव थाना क्षेत्र के राजापुर माफी महतवपुरवा गांव निवासी एक ग्रामीण सोमवार रात जरूरी काम होने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। सुबह उसका क्षत-विक्षत शव गांव के बाहर गड्ढे मेें पड़ा मिला। उसका गला रेता हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवारीजन जमीन के विवाद में हत्या करने की बात कर रहे हैं। इस मामले में मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है।
रामगांव थाना क्षेत्र के राजापुर माफी महतवपुरवा गांव निवासी बाबूराम यादव (50) पुत्र महेश यादव खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। हाल ही में बाबूराम ने जमीन के एक टुकड़े का सौदा पड़ोसी गांव निवासी कुछ लोगों से किया था, लेकिन लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। करार के मुताबिक विपक्षी बेची गई जमीन का भुगतान नहीं कर रहे थे। इस मामले में दो दिन पूर्व बाबूराम का विपक्षियों से विवाद हुआ था।
इस दौरान विपक्षियों ने देख लेने की धमकी दी थी। सोमवार की रात बाबूराम परिवारीजनों के साथ घर के आंगन में बैठे थे, तभी किसी व्यक्ति का फोन उनके मोबाइल पर आया। जरूरी काम होने की बात कहकर बाबूराम घर से निकल गए, बोले कुछ देर में लौट आएंगे। परिवारीजन देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन बाबूराम नहीं लौटे। इस पर बाबूराम के भाई केशवराम और पुत्र अशोक ने उनकी खोजबीन शुरू की।
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मंगलवार को सुबह गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर गड्ढे में बाबूराम का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर रामगांव एसओ ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुत्र अशोक का कहना है कि पड़ोसी गांव के कुछ लोगों से पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा था। दो दिन पूर्व विपक्षियों ने पिता को धमकी भी दी थी। उन्हीं लोगों द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही है। सीओ अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिवारीजनों ने जिस पर आशंका जताई है, उसी को केंद्र बिंदु बनाकर जांच शुरू की गई है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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रामगांव थाना क्षेत्र के राजापुर माफी महतवपुरवा गांव निवासी बाबूराम यादव (50) पुत्र महेश यादव खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। हाल ही में बाबूराम ने जमीन के एक टुकड़े का सौदा पड़ोसी गांव निवासी कुछ लोगों से किया था, लेकिन लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। करार के मुताबिक विपक्षी बेची गई जमीन का भुगतान नहीं कर रहे थे। इस मामले में दो दिन पूर्व बाबूराम का विपक्षियों से विवाद हुआ था।
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इस दौरान विपक्षियों ने देख लेने की धमकी दी थी। सोमवार की रात बाबूराम परिवारीजनों के साथ घर के आंगन में बैठे थे, तभी किसी व्यक्ति का फोन उनके मोबाइल पर आया। जरूरी काम होने की बात कहकर बाबूराम घर से निकल गए, बोले कुछ देर में लौट आएंगे। परिवारीजन देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन बाबूराम नहीं लौटे। इस पर बाबूराम के भाई केशवराम और पुत्र अशोक ने उनकी खोजबीन शुरू की।
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मंगलवार को सुबह गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर गड्ढे में बाबूराम का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर रामगांव एसओ ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुत्र अशोक का कहना है कि पड़ोसी गांव के कुछ लोगों से पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा था। दो दिन पूर्व विपक्षियों ने पिता को धमकी भी दी थी। उन्हीं लोगों द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही है। सीओ अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिवारीजनों ने जिस पर आशंका जताई है, उसी को केंद्र बिंदु बनाकर जांच शुरू की गई है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।