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दो बच्चे नाले में डूबे, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:08 PM IST
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खैरीघाट क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबकर शनिवार को दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बरसाती नाले को पार कर दूसरे गांव जा रहे थे। सूचना मिलने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव पानी से निकाले। पुलिस ने पंचनामा कर शव उनके परिवारीजनों को सौंप दिए।
खैरीघाट क्षेत्र में ग्राम डल्लापुरवा निवासी गुड्डू (9) पुत्र चेतराम व बवाली (11) पुत्र देवकीनंदन गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्रमश: कक्षा दो व चार के छात्र थे। शनिवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद दोनों तेलियनपुरवा गांव अपने मित्र से मिलने जा रहे थे।
डल्लापुरवा गांव से कुछ दूर बाढ़ का पानी भरा था। पास में बरसाती नाला भी है। बच्चों को बरसाती नाले की गहराई का अंदाजा नहीं था। पानी में चलते समय उनके पैर फिसल गए और दोनों नाले में बह गए। इस दौरान बच्चों ने बचाव के लिए शोर मचाया।
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चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़े लेकिन तब तक दोनों डूब गए। ग्रामीणों ने बरसाती नाले में काफी दूर तक तलाश की। कुछ देर बाद उनके शव बरामद हुए। इस सूचना पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष खैरीघाट ने छानबीन की।
परिवारीजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। उधर एसडीएम नानपारा अमिताभ यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि बच्चों के डूबने की घटना लापरवाही की श्रेणी में आती है। ऐसे में मुआवजा तो नहीं मिलेगा। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद हर संभव मदद की जाएगी।
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खैरीघाट क्षेत्र में ग्राम डल्लापुरवा निवासी गुड्डू (9) पुत्र चेतराम व बवाली (11) पुत्र देवकीनंदन गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्रमश: कक्षा दो व चार के छात्र थे। शनिवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद दोनों तेलियनपुरवा गांव अपने मित्र से मिलने जा रहे थे।
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डल्लापुरवा गांव से कुछ दूर बाढ़ का पानी भरा था। पास में बरसाती नाला भी है। बच्चों को बरसाती नाले की गहराई का अंदाजा नहीं था। पानी में चलते समय उनके पैर फिसल गए और दोनों नाले में बह गए। इस दौरान बच्चों ने बचाव के लिए शोर मचाया।
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चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़े लेकिन तब तक दोनों डूब गए। ग्रामीणों ने बरसाती नाले में काफी दूर तक तलाश की। कुछ देर बाद उनके शव बरामद हुए। इस सूचना पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष खैरीघाट ने छानबीन की।
परिवारीजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। उधर एसडीएम नानपारा अमिताभ यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि बच्चों के डूबने की घटना लापरवाही की श्रेणी में आती है। ऐसे में मुआवजा तो नहीं मिलेगा। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद हर संभव मदद की जाएगी।