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ज्यादा प्रसूताएं दिखा शासन से वसूले रुपये
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 21 Nov 2015 10:06 PM IST
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केस- 1
बाबागंज पीएचसी के होलिया हेल्थ सेंटर पर गीता नाम की महिला का प्रसव हुआ। यहां की एएनएम इंदू सिंह ने प्रसव रजिस्टर पर उसका नाम अंकित किया, पति का भी नाम लिखा लेकिन भर्ती होने की तिथि या प्रसव की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। यहां वित्तीय सत्र 2014-15 में 34 प्रसव रजिस्टर में अंकित हैं, जबकि मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में 45 प्रसव का उल्लेख किया गया है।
केस- 2
बाबागंज पीएचसी पर बीते वित्तीय सत्र में प्रसव की संख्या 745 रजिस्टर में अंकित है लेकिन मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में 815 संख्या दिखाई गई है। इसी तरह रजिस्टर पर राजरानी का नाम प्रसूता के रूप में उल्लेख है लेकिन किस तारीख को वह केंद्र पर भर्ती हुई या कब प्रसव हुआ है, इसका उल्लेख नहीं है। डिस्चार्ज होने की तिथि का भी उल्लेख नहीं है।
बहराइच। ये तो बानगी भर है। फखरपुर या फिर बाबागंज पीएचसी ही नहीं पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में जननी सुरक्षा योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है।
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इसका खुलासा अपर निदेशक स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच में हुआ है। केंद्रों से प्रसव के गलत आंकड़े भेजकर शासन से ज्यादा से ज्यादा रकम वसूले गए हैं और इन्हीं रुपयों का बंदरबांट अधिकारी व कर्मचारी करने में लगे हैं।
ये कारनामा करने वाले विशेश्वरगंज, बाबागंज समेत 14 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी जननी सुरक्षा योजना के पूर्ण अभिलेख नहीं दिखा पा रहे हैं।
अपर निदेशक ने जांच में सहयोग न करने वाले स्वास्थ्य अधीक्षकों के खिलाफ शासन व मिशन निदेशक को रिपोर्ट करने की चेतावनी दी है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर फिर से शुरू हुई जननी सुरक्षा योजना में घोटाले की जांच अभी पराथमिक स्तर पर ही है। लेकिन, अब तक जो परिणाम मिल रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
एडी ने बहराइच के सभी 14 ब्लॉकों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों से वित्तीय सत्र 2014-15 में जननी सुरक्षा योजना के तहत हुए प्रसव व आय-व्यय का लेखा-जोखा तलब किया लेकिन केंद्र प्रभारी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
विशेश्वरगंज स्वास्थ्य केंद्र पर भी योजना का अभिलेख त्रुटिपूर्ण मिला है। वहीं, बाबागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उसके अधीन सब सेंटरों पर हुए प्रसवों की संख्या व शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भारी अंतर मिला है।
लाभार्थी महिला का नाम है तो पति का नाम गायब है। किसी महिला का पता दर्ज नहीं है। किसी महिला के प्रसव की तिथि का अंकन नहीं है। लेकिन, भुगतान सभी को हो गया है।
जिम्मेदार आय-व्यय अभिलेख पर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रसव रजिस्टर में ऐसी प्रसूताओं का नाम दर्ज है, जिनके प्रसव व डिस्चार्ज के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है।
एडी डॉ. उमाकांत वर्मा ने जांच में सहयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
सख्त निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी जांच में असहयोग कर रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के अभिलेख व शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अंतर मिल रहा है।
इससे ये जाहिर हो रहा है कि प्रसव के बढ़े आंकड़े दिखाकर जननी सुरक्षा योजना के तहत ज्यादा पैसे शासन से लिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद शासन को अवगत कराया जाएगा। दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ उमाकांत वर्मा, अपर निदेशक चिकित्सा
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बाबागंज पीएचसी के होलिया हेल्थ सेंटर पर गीता नाम की महिला का प्रसव हुआ। यहां की एएनएम इंदू सिंह ने प्रसव रजिस्टर पर उसका नाम अंकित किया, पति का भी नाम लिखा लेकिन भर्ती होने की तिथि या प्रसव की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। यहां वित्तीय सत्र 2014-15 में 34 प्रसव रजिस्टर में अंकित हैं, जबकि मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में 45 प्रसव का उल्लेख किया गया है।
केस- 2
बाबागंज पीएचसी पर बीते वित्तीय सत्र में प्रसव की संख्या 745 रजिस्टर में अंकित है लेकिन मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में 815 संख्या दिखाई गई है। इसी तरह रजिस्टर पर राजरानी का नाम प्रसूता के रूप में उल्लेख है लेकिन किस तारीख को वह केंद्र पर भर्ती हुई या कब प्रसव हुआ है, इसका उल्लेख नहीं है। डिस्चार्ज होने की तिथि का भी उल्लेख नहीं है।
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बहराइच। ये तो बानगी भर है। फखरपुर या फिर बाबागंज पीएचसी ही नहीं पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में जननी सुरक्षा योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला हो रहा है।
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इसका खुलासा अपर निदेशक स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच में हुआ है। केंद्रों से प्रसव के गलत आंकड़े भेजकर शासन से ज्यादा से ज्यादा रकम वसूले गए हैं और इन्हीं रुपयों का बंदरबांट अधिकारी व कर्मचारी करने में लगे हैं।
ये कारनामा करने वाले विशेश्वरगंज, बाबागंज समेत 14 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी जननी सुरक्षा योजना के पूर्ण अभिलेख नहीं दिखा पा रहे हैं।
अपर निदेशक ने जांच में सहयोग न करने वाले स्वास्थ्य अधीक्षकों के खिलाफ शासन व मिशन निदेशक को रिपोर्ट करने की चेतावनी दी है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर फिर से शुरू हुई जननी सुरक्षा योजना में घोटाले की जांच अभी पराथमिक स्तर पर ही है। लेकिन, अब तक जो परिणाम मिल रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।
एडी ने बहराइच के सभी 14 ब्लॉकों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों से वित्तीय सत्र 2014-15 में जननी सुरक्षा योजना के तहत हुए प्रसव व आय-व्यय का लेखा-जोखा तलब किया लेकिन केंद्र प्रभारी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
विशेश्वरगंज स्वास्थ्य केंद्र पर भी योजना का अभिलेख त्रुटिपूर्ण मिला है। वहीं, बाबागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उसके अधीन सब सेंटरों पर हुए प्रसवों की संख्या व शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भारी अंतर मिला है।
लाभार्थी महिला का नाम है तो पति का नाम गायब है। किसी महिला का पता दर्ज नहीं है। किसी महिला के प्रसव की तिथि का अंकन नहीं है। लेकिन, भुगतान सभी को हो गया है।
जिम्मेदार आय-व्यय अभिलेख पर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रसव रजिस्टर में ऐसी प्रसूताओं का नाम दर्ज है, जिनके प्रसव व डिस्चार्ज के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है।
एडी डॉ. उमाकांत वर्मा ने जांच में सहयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
सख्त निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी जांच में असहयोग कर रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के अभिलेख व शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अंतर मिल रहा है।
इससे ये जाहिर हो रहा है कि प्रसव के बढ़े आंकड़े दिखाकर जननी सुरक्षा योजना के तहत ज्यादा पैसे शासन से लिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद शासन को अवगत कराया जाएगा। दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ उमाकांत वर्मा, अपर निदेशक चिकित्सा