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झोलाछाप की दवा खाने से युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 31 Aug 2015 10:13 PM IST
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उर्रा (बहराइच)। झोलाछाप से इलाज कराना मुर्तिहा के चमारनपुरवा लालबोझा गांव निवासी रामसुख (40) को भारी पड़ गया। झोलाछाप की दवा खाने से उसकी जान चली गई।
मृतक की पत्नी ने झोलाछाप पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को पत्र लिखा है। शव का पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, गांव के लोगों ने समझा-बुझाकर शव को दफना दिया है।
रामसुख पुत्र बद्री प्रसाद निशक्त था। रविवार दोपहर उसे बुखार और शरीर में दर्द महसूस हुआ तो वह गांव में झोलाछाप के पास इलाज कराने पहुंचा।
रामसुख ने अपनी तकलीफ बताई तो झोलाछाप ने उसे दो टैबलेट दिए। घर पहुंचकर रामसुख ने चाय के साथ दवा ली और लेट गया।
देर शाम पत्नी चंपा देवी ने उसे खाना खाने के लिए आवाज दी लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। पत्नी जब रामसुख को जगाने पहुंची तो चारपाई पर वह मृत मिला।
रात में ही घटना की सूचना सीएमओ कार्यालय दी गई। चंपा का कहना है कि झोलाछाप के गलत दवा देने के चलते पति की मौत हुई है।
वह पति के लाश का पोस्टमार्टम करवाकर कार्रवाई की मांग कर रही है लेकिन दोपहर तक कोई जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचा तो गांव के लोगों ने समझा-बुझाकर शव दफनवा दिया। चंपा ने इस मामले में अपर निदेशक व स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजा है।
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पत्र मिलने पर करवाएंगे जांच : सीएमओ
अभी तक मुझे झोलाछाप के इलाज से रामसुख की मौत की खबर नहीं थी। अब पता चला है। पत्र नहीं मिला है। अगर मिलता है तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। झोलाछाप को भी चिह्नित किया जाएगा।
-डॉ. केबी जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी
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मृतक की पत्नी ने झोलाछाप पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को पत्र लिखा है। शव का पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, गांव के लोगों ने समझा-बुझाकर शव को दफना दिया है।
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रामसुख पुत्र बद्री प्रसाद निशक्त था। रविवार दोपहर उसे बुखार और शरीर में दर्द महसूस हुआ तो वह गांव में झोलाछाप के पास इलाज कराने पहुंचा।
रामसुख ने अपनी तकलीफ बताई तो झोलाछाप ने उसे दो टैबलेट दिए। घर पहुंचकर रामसुख ने चाय के साथ दवा ली और लेट गया।
देर शाम पत्नी चंपा देवी ने उसे खाना खाने के लिए आवाज दी लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। पत्नी जब रामसुख को जगाने पहुंची तो चारपाई पर वह मृत मिला।
रात में ही घटना की सूचना सीएमओ कार्यालय दी गई। चंपा का कहना है कि झोलाछाप के गलत दवा देने के चलते पति की मौत हुई है।
वह पति के लाश का पोस्टमार्टम करवाकर कार्रवाई की मांग कर रही है लेकिन दोपहर तक कोई जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचा तो गांव के लोगों ने समझा-बुझाकर शव दफनवा दिया। चंपा ने इस मामले में अपर निदेशक व स्वास्थ्य महानिदेशक को भी पत्र भेजा है।
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पत्र मिलने पर करवाएंगे जांच : सीएमओ
अभी तक मुझे झोलाछाप के इलाज से रामसुख की मौत की खबर नहीं थी। अब पता चला है। पत्र नहीं मिला है। अगर मिलता है तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। झोलाछाप को भी चिह्नित किया जाएगा।
-डॉ. केबी जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी