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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2016 10:39 PM IST
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दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की हत्या कर शव फांसी के फंदे से लटकने के केस में मंगलवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
रामगांव निवासी असलम खां ने 10 अप्रैल 2012 को थाने पर बहन की हत्या की तहरीर दी थी। कहा कि उसकी बहन हुमा (23) का विवाह चार वर्ष पूर्व फत्तेउल्लापुर बौंडी निवासी वारिस पुत्र छेद्दन के साथ हुआ था। विवाह के बाद से दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन को ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे।
मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोगों ने पिटाई कर उसकी हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे से लटका दिया। भाई की सूचना पर पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पति वारिस समेत ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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एडीजीसी फिरोज अहमद खां ने बताया कि मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के यहां केस की फाइल पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने मृतका के पति वारिस पुत्र छेद्दन को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास वारिस को भुगतना होगा। न्यायाधीश ने मृतका के देवर अब्बुल पुत्र छेद्दन व अब्दुल कासिम को दोषमुक्त करार दिया।
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रामगांव निवासी असलम खां ने 10 अप्रैल 2012 को थाने पर बहन की हत्या की तहरीर दी थी। कहा कि उसकी बहन हुमा (23) का विवाह चार वर्ष पूर्व फत्तेउल्लापुर बौंडी निवासी वारिस पुत्र छेद्दन के साथ हुआ था। विवाह के बाद से दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन को ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे।
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मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोगों ने पिटाई कर उसकी हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे से लटका दिया। भाई की सूचना पर पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पति वारिस समेत ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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एडीजीसी फिरोज अहमद खां ने बताया कि मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के यहां केस की फाइल पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने मृतका के पति वारिस पुत्र छेद्दन को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास वारिस को भुगतना होगा। न्यायाधीश ने मृतका के देवर अब्बुल पुत्र छेद्दन व अब्दुल कासिम को दोषमुक्त करार दिया।