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राजस्व अभिलेखागार कर्मियों ने ग्रामीण को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 17 Oct 2015 09:48 PM IST
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बहराइच। जगतापुर गांव निवासी एक ग्रामीण शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट के अभिलेखागार में अपनी जमीन के बैनामा का कागज लेने गया था। यहां पर मौजूद लिपिक ने सुविधा शुल्क की मांग की।
विरोध करने पर सहयोगी लिपिक ने हमला कर उसकी पिटाई कर दी। इस मामले में ग्रामीण ने एसपी और डीएम कार्यालय में पत्र दिया है लेकिन अभी कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं लिपिकों का कहना है कि ग्रामीण खुद कार्यालय के अंदर हंगामा कर रहा था।
कोतवाली देहात अंतर्गत जगतापुर निवासी सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव पुत्र अमरनाथ का कहना है कि शनिवार सुबह 11 बजे के करीब अपनी जमीन के बैनामे का कागज लेने के लिए वह कलेक्ट्रेट में स्थित राजस्व अभिलेखागार कार्यालय पहुंचा।
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यहां पर लिपिक श्यामबिहारी से जब बैनामे के कागज के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि बैनामे का कागज अभी नहीं मिला है। सुरेंद्र का कहना है कि लिपिक ने कागज दिलाने के लिए पैसे की डिमांड की।
विरोध करने पर अपने सहयोगी लिपिक रिजवान को बुलाकर हमला कर पिटाई कर दी। जानमाल की धमकी भी दी। इस कारण हंगामे की स्थिति हो गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। उधर लिपिक रिजवान का कहना है कि ग्रामीण सुरेंद्र ने कार्यालय में पहुंचकर स्वयं हंगामा शुरू कर दिया था। उनके साथ कोई विवाद नहीं हुआ है। ग्रामीण का आरोप निराधार है।
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विरोध करने पर सहयोगी लिपिक ने हमला कर उसकी पिटाई कर दी। इस मामले में ग्रामीण ने एसपी और डीएम कार्यालय में पत्र दिया है लेकिन अभी कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं लिपिकों का कहना है कि ग्रामीण खुद कार्यालय के अंदर हंगामा कर रहा था।
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कोतवाली देहात अंतर्गत जगतापुर निवासी सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव पुत्र अमरनाथ का कहना है कि शनिवार सुबह 11 बजे के करीब अपनी जमीन के बैनामे का कागज लेने के लिए वह कलेक्ट्रेट में स्थित राजस्व अभिलेखागार कार्यालय पहुंचा।
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यहां पर लिपिक श्यामबिहारी से जब बैनामे के कागज के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि बैनामे का कागज अभी नहीं मिला है। सुरेंद्र का कहना है कि लिपिक ने कागज दिलाने के लिए पैसे की डिमांड की।
विरोध करने पर अपने सहयोगी लिपिक रिजवान को बुलाकर हमला कर पिटाई कर दी। जानमाल की धमकी भी दी। इस कारण हंगामे की स्थिति हो गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। उधर लिपिक रिजवान का कहना है कि ग्रामीण सुरेंद्र ने कार्यालय में पहुंचकर स्वयं हंगामा शुरू कर दिया था। उनके साथ कोई विवाद नहीं हुआ है। ग्रामीण का आरोप निराधार है।