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चार मकान और खलिहान राख
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 14 Nov 2015 09:42 PM IST
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बहराइच। कैसरगंज व नानपारा तहसील क्षेत्र में शुक्रवार रात दीपक की लौ से भड़की चिन्गारी से चार मकान धधक उठे। वहीं, एक गांव के खलिहान में लगी आग से पांच बीघा मक्के की फसल जल गई।
सभी हादसों में पांच लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी पीड़ितों ने अग्निकांड की सूचना तहसील पर दी लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इसके चलते पीड़ित परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हैं।
कैसरगंज के गंडारा खालेपुरवा निवासी उमेश यादव शुक्रवार रात घर में सो रहे थे। दीपक जलाकर टांड़ पर रखा गया था। इसी दौरान कपड़ों में लगी आग से लपटें भड़क उठीं। परिवार के लोगों की नींद तब खुली जब आग फैल चुकी थी।
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किसी तरह लोगों ने जान बचाई। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े लेकिन तब तक लपटों ने पड़ोसी भरोसे यादव के मकान को भी आगोश में ले लिया। किसी तरह लोगों ने आग को फैलने से रोका।
अग्निकांड में उमेश और भरोसे के घर में रखे लगभग बीस हजार रुपये नगदी, एक-एक लाख के सोने-चांदी के जेवरात, कपड़ा, बर्तन समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया है।
उधर, इसी तहसील क्षेत्र के बंभौरा बरुहा गांव निवासी रमेश कुमार के खलिहान में लगी पांच बीघा मक्के की फसल राख हो गई। पचास हजार का नुकसान हुआ है।
वहीं, नानपारा के बिछिया बाजार निवासी छविलाल के घर में भी ढिबरी की लपट से लगी आग से पूरी संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई। किसी तरह बाजार के लोगों ने आग को फैलने से रोका।
रुपईडीहा कस्बे के मालगोदाम रोड निवासी बैजनाथ गुप्ता पुत्र हीरालाल गुप्ता के मकान में शुक्रवार रात खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इसकी सूचना एसएसबी सातवीं बटालियन के जवानों को दी गई।
सहायक सेनानायक पीएन सिंह की अगुवाई में आठ एसएसबी जवान ने आग को फैलने से रोका लेकिन तब तक गृहस्थी का कुछ सामान आग की भेंट चढ़ चुका था।
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सभी हादसों में पांच लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी पीड़ितों ने अग्निकांड की सूचना तहसील पर दी लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इसके चलते पीड़ित परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को मजबूर हैं।
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कैसरगंज के गंडारा खालेपुरवा निवासी उमेश यादव शुक्रवार रात घर में सो रहे थे। दीपक जलाकर टांड़ पर रखा गया था। इसी दौरान कपड़ों में लगी आग से लपटें भड़क उठीं। परिवार के लोगों की नींद तब खुली जब आग फैल चुकी थी।
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किसी तरह लोगों ने जान बचाई। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े लेकिन तब तक लपटों ने पड़ोसी भरोसे यादव के मकान को भी आगोश में ले लिया। किसी तरह लोगों ने आग को फैलने से रोका।
अग्निकांड में उमेश और भरोसे के घर में रखे लगभग बीस हजार रुपये नगदी, एक-एक लाख के सोने-चांदी के जेवरात, कपड़ा, बर्तन समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया है।
उधर, इसी तहसील क्षेत्र के बंभौरा बरुहा गांव निवासी रमेश कुमार के खलिहान में लगी पांच बीघा मक्के की फसल राख हो गई। पचास हजार का नुकसान हुआ है।
वहीं, नानपारा के बिछिया बाजार निवासी छविलाल के घर में भी ढिबरी की लपट से लगी आग से पूरी संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई। किसी तरह बाजार के लोगों ने आग को फैलने से रोका।
रुपईडीहा कस्बे के मालगोदाम रोड निवासी बैजनाथ गुप्ता पुत्र हीरालाल गुप्ता के मकान में शुक्रवार रात खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इसकी सूचना एसएसबी सातवीं बटालियन के जवानों को दी गई।
सहायक सेनानायक पीएन सिंह की अगुवाई में आठ एसएसबी जवान ने आग को फैलने से रोका लेकिन तब तक गृहस्थी का कुछ सामान आग की भेंट चढ़ चुका था।